पीएम स्वनिधि योजना के 6 वर्ष: रेहड़ी-पटरी कारोबारियों की बदली जिंदगी, बबिता और विष्णु बने आत्मनिर्भरता की मिसाल
गाजियाबाद/वाराणसी, 1 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे और रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वाले लोगों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। इस योजना के छह साल पूरे हो गए। योजना के जरिए हजारों लाभार्थियों ने न केवल अपने कारोबार को नई दिशा दी है, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी तैयार किया है।
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद की लाभार्थी बबिता और सारनाथ (वाराणसी) के विष्णु शंकर भारद्वाज इसकी जीवंत मिसाल हैं, जिन्होंने योजना से मिले ऋण और सरकारी सहायता के बल पर अपने व्यवसाय को मजबूत किया है।
बबिता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पहले वह जगह की कमी के कारण सड़क किनारे पटरी लगाकर अपना व्यवसाय चलाती थीं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्हें गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी दौरान एक रिश्तेदार ने उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। योजना के तहत प्राप्त ऋण राशि को उन्होंने अपने व्यवसाय में निवेश किया, जिससे कारोबार धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
बबिता ने बताया कि पहली ऋण किस्त का समय पर भुगतान करने के बाद उन्हें अगली किस्त भी आसानी से मिल गई, जिसका उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार में किया। उन्होंने कुल 50 हजार रुपए तक का ऋण प्राप्त किया और उसकी मदद से अपनी दुकान को स्थायी स्वरूप दिया। उनका कहना है कि पहले सड़क किनारे दुकान लगाने के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पक्की दुकान होने से व्यवसाय अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है।
अगरबत्ती, दीये, फूल, नारियल और अन्य पूजा सामग्री बेचने वाली बबिता ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। जहां पहले किसी भी संस्था से ऋण प्राप्त करना मुश्किल था, वहीं इस योजना के तहत बिना किसी बड़ी बाधा के ऋण मिल गया। वर्तमान में वह प्रतिदिन दो से तीन हजार रुपए तक की कमाई कर रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए बबिता ने कहा कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि बीमा सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड जैसी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।
विपक्ष द्वारा महंगाई, भ्रष्टाचार और गरीबी जैसे मुद्दों पर सरकार की आलोचना किए जाने के सवाल पर बबिता ने कहा कि बढ़ती महंगाई के साथ लोगों की आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विकास और रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिससे आम लोगों को लाभ मिल रहा है।
वहीं, सारनाथ निवासी और योजना के लाभार्थी विष्णु शंकर भारद्वाज ने भी पीएम स्वनिधि योजना को छोटे व्यापारियों के लिए बेहद लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि पहले छोटे कारोबारियों को बैंक से ऋण लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने आसान और सुलभ ऋण उपलब्ध कराकर उनके कारोबार को नई दिशा दी है। उनके अनुसार योजना से आर्थिक मजबूती मिलने के साथ-साथ आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।
पत्थर की मूर्तियां, मालाएं और उपहार सामग्री बेचने वाले विष्णु शंकर भारद्वाज ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने देशभर के लाखों छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है तथा उन्हें आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
--आईएएनएस
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