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'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' में गुजरात का जलवा, जीते पांच राष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। गुजरात ने एक बार फिर देश के अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करते हुए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 'मंथ ऑफ सोलर- मई 2026' पहल में पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही गुजरात ने कैटेगरी-बी राज्यों में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है।
'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' में गुजरात का जलवा, जीते पांच राष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। गुजरात ने एक बार फिर देश के अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करते हुए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 'मंथ ऑफ सोलर- मई 2026' पहल में पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही गुजरात ने कैटेगरी-बी राज्यों में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अटल अक्षय ऊर्जा भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के दौरान ये पुरस्कार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा प्रदान किए गए। गुजरात की ओर से ये पुरस्कार शालिनी अग्रवाल, आईएएस, प्रबंध निदेशक, जीयूवीएनएल ने ग्रहण किए।

गुजरात ने पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार, राष्ट्रीय पोर्टल पर सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन, सर्वाधिक रूफटॉप सोलर स्थापनाएं, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा सर्वाधिक निरीक्षण और सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण की श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

एमएनआरई द्वारा 1 मई 2026 से 31 मई 2026 के दौरान आयोजित 'मंथ ऑफ सोलर मई 2026' अभियान के दौरान गुजरात में 3,06,230 उपभोक्ता आवेदन प्राप्त हुए, 35,311 रूफटॉप सौर प्रतिष्ठापन स्थापित किए गए, 42,554 डिस्कॉम निरीक्षण पूर्ण किए गए तथा 210 नए विक्रेताओं का पंजीकरण हुआ। इस प्रदर्शन के आधार पर गुजरात ने श्रेणी-बी राज्यों में सभी चार परिचालन श्रेणियों में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत गुजरात ने राष्ट्रीय पोर्टल पर अब तक 10.66 लाख से अधिक उपभोक्ता आवेदन तथा 6.81 लाख रूफटॉप सोलर स्थापनाएं दर्ज की हैं।

सभी हितधारकों को बधाई देते हुए जीयूवीएनएल की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल (आईएएस) ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन से प्रेरित तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में एवं ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल तथा राज्य ऊर्जा मंत्री कौशिक वेकारिया और मुख्य सचिव के नेतृत्व में गुजरात ने रूफटॉप सौर ऊर्जा को अपनाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ये पुरस्कार सौर ऊर्जा को अपनाने वाले प्रत्येक नागरिक के हैं।"

शालिनी अग्रवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मई 2026 में गुजरात ने सौर ऊर्जा पहल में शीर्ष स्थान हासिल किया है। गुजरात ने इसे एक 'जन आंदोलन' के रूप में अपनाया है, जिसके तहत गांव, जिला और शहर हर स्तर पर लोगों को कई तरह के प्रोत्साहन, सब्सिडी, अनुकूल माहौल, जागरूकता और सुविधाएं प्रदान की गई हैं। लोगों की सक्रिय भागीदारी के कारण ही आज गुजरात को पांच राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने कहा, "जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब पूरे राज्य में सौर और पवन ऊर्जा से जुड़ी पहलों को बड़े पैमाने पर शुरू किया गया था। तभी से इस सफर की शुरुआत हुई थी। 'पीएम सूर्य घर योजना' के अंतर्गत, राज्य के हर गांव, हर जिले और हर शहर में इस पहल को आगे बढ़ाया गया। इसके तहत, लोगों को तकनीक और ऑनलाइन माध्यमों से व्यापक सुविधाएं प्रदान की गईं। साथ ही, भारत सरकार और गुजरात सरकार द्वारा लोगों के लिए कई योजनाएं और प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की गईं। इन सभी पहलों के परिणामस्वरूप, गुजरात ने सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना (इंस्टॉलेशन) के मामले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है और पिछले दो वर्षों में यहां 6 लाख से अधिक संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।"

उन्होंने कहा, "मई 2026 के महीने में इस योजना के तहत 3 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, 35,000 से अधिक संयंत्र स्थापित किए गए, बड़ी संख्या में निरीक्षण कार्य संपन्न हुए और 200 से अधिक विक्रेताओं (वेंडर्स) का पंजीकरण किया गया। इस प्रकार, मई का यह महीना 'पीएम सूर्य घर योजना' के इतिहास में एक असाधारण और ऐतिहासिक सफलता का महीना साबित हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले महीनों और वर्षों में भी गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हमेशा एक अग्रणी राज्य बना रहेगा। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए, जिनके माध्यम से गांवों से लेकर बड़े शहरों और कस्बों तक के लोगों को सुविधाएं प्रदान की गईं, ताकि वे अपने घरों, उद्योगों और व्यावसायिक परिसरों में उच्च क्षमता वाले 'सोलर रूफटॉप' संयंत्र स्थापित कर सकें।"

शालिनी अग्रवाल ने बताया कि पूरे राज्य में विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी बड़े पैमाने पर सुगम बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विक्रेता इस मुहिम से जुड़े। इन विक्रेताओं को जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किए गए। इन पहलों के साथ-साथ, बड़े पैमाने पर 'आईईसी अभियान' (सूचना, शिक्षा और संचार अभियान) तथा जागरूकता अभियान भी चलाए गए। साथ ही, लोगों को प्रोत्साहन और सब्सिडी भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर वित्तीय सहायता (लोन) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया गया। नीतिगत और प्रोत्साहन-संबंधी स्तर पर किए गए इन्हीं व्यापक हस्तक्षेपों के कारण ही, गुजरात राज्य इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने में सफल रहा है।

उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात 'प्रोज्यूमर्स' के मामले में सबसे आगे है। यहां लोग न केवल बिजली के उपभोक्ता हैं, बल्कि वे अपने घरों, खेतों, फीडर स्तर, औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कैप्टिव संयंत्रों में खुद बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इस तरह गुजरात के लोग अपने घर-आंगन में ही बिजली बना रहे हैं। वे इस बिजली को ग्रिड में बेच रहे हैं और इससे पैसे भी कमा रहे हैं। यह पहल न केवल उनके बिजली के बिल को कम करने में मदद कर रही है, बल्कि मध्यम वर्ग और गरीब लोगों को ग्रिड में बिजली बेचकर अपनी आजीविका कमाने में भी सहायता कर रही है।

उन्होंने कहा, "भारत सरकार के 'नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय' द्वारा इस योजना को बहुत ही बेहतरीन ढंग से तैयार किया गया है। यह योजना पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिसके सभी कार्य-संसाधन विभिन्न पोर्टल के माध्यम से संचालित होते हैं। भारत सरकार के स्तर पर इस योजना तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने, इसके प्रति जागरूकता फैलाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। गुजरात सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह सुविधा गुजरात के गांव-गांव, कस्बों और शहरों तक पहुंचे।"

शालिनी ने कहा कि प्रौद्योगिकी, नवाचार और हर व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों के माध्यम से भारत सरकार और गुजरात सरकार के बीच स्थापित इस समन्वय ने ही इस उपलब्धि को संभव बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'नेट जीरो 2070' और 'विकसित भारत 2047' का संकल्प लिया है, जिसके तहत भारत न केवल विश्व की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, बल्कि वह सतत, हरित और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा, "गुजरात द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने 'पीएम सूर्य घर योजना' में हिस्सा लिया है, निश्चित रूप से अन्य राज्यों को भी प्रेरित और प्रोत्साहित करेगी, ताकि वहां के नागरिक भी हरित और स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में अपना योगदान दे सकें।"

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी

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