मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत की आध्यात्मिक पहचान को मिली नई प्रतिष्ठा: स्वामी कैलाशानंद गिरि
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री की कार्यशैली और धार्मिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्र के सांस्कृतिक मूल्यों को अभूतपूर्व सम्मान मिला है।
महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "अलग-अलग लोगों की राय और दृष्टिकोण अलग हो सकते हैं, लेकिन उनकी दृष्टि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक पहचान को नई प्रतिष्ठा मिली है। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जिस प्रकार से वैश्विक पहचान मिली है, वह पहले कभी देखने को नहीं मिली थी।"
उन्होंने उन मुस्लिम समुदाय के लोगों की भी सराहना की, जो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने संस्कृत की कहावत "गावो विश्वस्य मातरः" का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय को भारतीय संस्कृति में माता का स्थान दिया गया है। उन्होंने कुरान का हिंदी और संस्कृत अनुवाद सहित कई बार अध्ययन किया है और उसमें कहीं भी गोवंश या ऊंट की हत्या करने का उल्लेख नहीं मिलता।
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा या गोवंश की हत्या का समर्थन करने वाले लोग वास्तव में धर्म के मूल सिद्धांतों को नहीं समझते। सभी धर्मों का मूल उद्देश्य मानवता, करुणा और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और दिल्ली की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले दोनों राज्यों का वातावरण काफी समान था। उनका कहना था कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में संत समाज को अपेक्षित सम्मान नहीं मिलता था। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कई व्यापारी और सनातन धर्म के अनुयायी धार्मिक आयोजनों को लेकर भय का माहौल महसूस करते थे।
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की भी सराहना की और कहा कि वे लगातार श्रद्धालुओं से पंजीकरण कराने के बाद ही यात्रा पर आने की अपील करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, राम मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिली है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की यात्राओं के बाद इन स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और आकर्षण में काफी वृद्धि हुई है।
महामंडलेश्वर ने बताया कि केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर संभव व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि कई श्रद्धालु बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के पहुंच जाते हैं। ऐसे में उनके लिए तत्काल स्वेटर, जैकेट, जूते, दस्ताने और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोग केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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