PM मोदी बोले- देश में भ्रष्टाचार घटा, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए; वीडियो में जाने पहली बार भारत में हो रहा ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत में भ्रष्टाचार कम हुआ है और करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। वे नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित कर रहे थे। यह फोरम पहली बार भारत में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम 15 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस साल फोरम की थीम ‘बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना’ रखी गई है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत में तकनीक के इस्तेमाल, सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने और कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन निर्माण के अनुभवों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह फोरम हर साल दुनिया के प्रमुख विचारकों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है। इस बार भारत में इसके आयोजन को लेकर उन्होंने ब्लूमबर्ग और उसकी पूरी टीम को बधाई दी।
भारत में पहली बार आयोजित हो रहा फोरम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम दुनिया के बेहतरीन दिमागों को एक साथ लाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार भारत को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है।फोरम में बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक और दुनिया में शक्ति के नए केंद्रों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसकी थीम भी इसी बदलाव को ध्यान में रखकर तय की गई है। तीन दिन तक चलने वाला यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को समाप्त होगा।
तकनीक से सीधे बैंक खातों में पहुंच रहा पैसा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकार और नागरिकों के बीच सीधा रास्ता तैयार हुआ है।मोदी के मुताबिक, इस व्यवस्था के माध्यम से सरकारी सहायता लाभार्थियों तक सीधे पहुंचाई जा सकती है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद मिली है।प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार में कमी आने और 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का दावा भी किया। उनके संबोधन में इन उपलब्धियों को भारत में हुए बदलावों के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कोविड के दौरान वैक्सीन निर्माण का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन निर्माण और उसकी उपलब्धता के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उस समय वैक्सीन का उत्पादन और जरूरतमंद लोगों तक उसे पहुंचाना बड़ी चुनौती थी।मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वैक्सीन उन लोगों तक भी पहुंचनी चाहिए, जिनके पास उसका निर्माण करने की क्षमता या पर्याप्त संसाधन नहीं थे। भारत ने महामारी के दौरान वैक्सीन निर्माण और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।प्रधानमंत्री के संबोधन का यह हिस्सा वैश्विक सहयोग और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के महत्व से जुड़ा रहा। हालांकि, उपलब्ध कराए गए भाषण के अंश में वैक्सीन से संबंधित उनकी आगे की बात अधूरी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा का मंच
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में दुनिया की अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है। भारत में पहली बार हो रहे इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विमर्श के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक और तकनीकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए देश में हुए बदलावों पर जोर दिया। फोरम का समापन 15 अक्टूबर को होगा, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था और बदलती दुनिया में नए अवसरों से जुड़े विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

