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PM मोदी ने गुजरात से जारी की किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त, वीडियो में जाने 14 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, सभा में कुर्सियों की जगह बिछाई गईं चारपाइयां

PM मोदी ने गुजरात से जारी की किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त, वीडियो में जाने 14 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, सभा में कुर्सियों की जगह बिछाई गईं चारपाइयां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में दो नई ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सभा की एक खास बात यह रही कि किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह चारपाइयों की व्यवस्था की गई थी। चारपाइयों पर बैठे किसानों को देखकर प्रधानमंत्री ने भी गांव की परंपरा का जिक्र किया।

चारपाइयों पर बैठे किसानों को देखकर बोले- यह अजूबा होगा

बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के बैठने के लिए बड़ी संख्या में चारपाइयां बिछाई गई थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि देश के लोगों के लिए यह अजूबा होगा कि इस सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हैं।उन्होंने कहा कि हमारे गांव की महान परंपरा को बनासकांठा के लोगों ने जीवित कर दिया है। अगर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वालों को बुलाया होता तो वे इसे रिकॉर्ड में दर्ज कर लेते। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर सभा में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।

मौसम में बदलाव किसानों के लिए बड़ी चुनौती

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौसम में लगातार हो रहा बदलाव किसानों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। बदलते मौसम के कारण खेती के तौर-तरीकों और फसलों की किस्मों में सुधार करना जरूरी हो गया है।मोदी ने बताया कि बीते वर्षों में किसानों को बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में उपलब्ध कराई गई हैं। इनका उद्देश्य खेती को बदलती परिस्थितियों के अनुकूल बनाना और किसानों को बेहतर उत्पादन में मदद करना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

पशुपालन और डेयरी सेक्टर में तकनीक पर जोर

प्रधानमंत्री ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को किसानों तथा ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बीते दशक में पशुपालन और डेयरी सेक्टर में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा दिया गया है।मोदी ने पशुओं की नस्ल सुधारने की जरूरत बताते हुए कहा कि जब पशुओं की नस्ल बेहतर होगी तो दूध उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रयास ऐसा होना चाहिए कि चार गायों से जितना दूध मिलता है, उतना दूध एक ही गाय से मिल सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि पशुओं का समय पर टीकाकरण और बीमारी होने पर उचित इलाज बेहद जरूरी है। अगर पशुओं को समय पर टीका और उपचार मिलता है तो बीमारियों से होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है।

पशु स्वस्थ होंगे तो पशुपालकों की कमाई बढ़ेगी

मोदी ने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य सीधे तौर पर पशुपालकों की आमदनी से जुड़ा हुआ है। जब पशु स्वस्थ रहेंगे और उनकी उत्पादन क्षमता बेहतर होगी तो किसानों और पशुपालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पशु स्वस्थ होगा तो मेरे पशुपालक भाई-बहनों की कमाई भी बढ़ेगी।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी करने के साथ विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। इसके अलावा दो नई ट्रेनों की शुरुआत से क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया। सभा में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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