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सरकार को राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए: हुसैन दलवई

सरकार को राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए: हुसैन दलवई
सरकार को राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए: हुसैन दलवई

मुंबई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राहुल गांधी की चुनौती का समर्थन करते हुए सरकार पर संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा राहुल गांधी की तुलना जिन्ना से किए जाने, अभिनेत्री दीया मिर्जा से जुड़े विवाद और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस को नक्सल मानसिकता वाला बताने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

हुसैन दलवई ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल सही बात कही है। संसद में भी सरकार विपक्ष के सवालों का ठीक ढंग से जवाब नहीं देती। संसद के कई सत्रों में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में नहीं आए। इससे लगता है कि वे संसद को ज्यादा महत्व नहीं देते। अब अमित शाह कह रहे हैं कि एसआईआर के मुद्दे पर संसद में बहस होगी तो उन्हें बहस कराने में क्या परेशानी है? राहुल गांधी ने खुले तौर पर प्रधानमंत्री को पूरे देश की स्थिति पर चर्चा करने की चुनौती दी है।

दलवई ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास झूठ बोलने के अलावा कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।

महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा राहुल गांधी की तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से किए जाने पर दलवई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोढ़ा को पहले देश के विभाजन से जुड़ा इतिहास समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश के विभाजन का विरोध किया था। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि उनके शरीर के टुकड़े हो सकते हैं, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने चाहिए। दलवई ने गांधी जी के पाकिस्तान जाने की इच्छा का जिक्र करते हुए कहा कि वे वहां जाकर सभी विवाद और दंगे समाप्त करने की बात करते थे। कांग्रेस पर विभाजन की जिम्मेदारी डालना ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना है।

अभिनेत्री दीया मिर्जा से जुड़े विवाद पर हुसैन दलवई ने हाई कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने इस मामले में बहुत अच्छी फटकार लगाई है। दलवई ने सवाल किया कि दीया मिर्जा ने ऐसा क्या कहा था, जो किसी धर्म के खिलाफ था? उन्होंने तो केवल प्रदूषण नहीं फैलाने की बात कही थी। उन्होंने पुणे में गणपति विसर्जन के दौरान तेज आवाज में बाजा बजाने को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया। दलवई ने कहा कि उस समय माधुरी दीक्षित समेत अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन उनके बारे में सवाल क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा को मुस्लिम समझकर जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इस तरह की राजनीति के पीछे भाजपा नेताओं के मन में भरा द्वेष है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस को नक्सल-मानसिकता वाला बताए जाने पर दलवई ने कहा कि अमित शाह कुछ भी बोलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद और हिंसा के खिलाफ कांग्रेस ने ही काम किया है। कांग्रेस हिंसा में विश्वास नहीं करती, बल्कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों को मानने वाली पार्टी है। दलवई ने कहा कि झूठ, द्वेष और हिंसा की राजनीति भाजपा की विचारधारा से जुड़ी हुई है। उन्होंने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी हिंसा की बात नहीं करते। वे गरीबों, मजदूरों और किसानों के मुद्दे उठाते हैं तथा सभी लोगों को साथ लेकर चलने की बात करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी देश को बचाने और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कर रहे हैं। इसी वजह से उन्हें नक्सलवादी कहना पूरी तरह गलत है।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी

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