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पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी काबिलियत से दुनिया के बड़े देशों का भरोसा लगातार जीत रहा : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के स्लोवाकिया और फ्रांस दौरे को सफल बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की लीडरशिप में भारत अपनी काबिलियत और कुशलता से दुनिया के बड़े देशों का भरोसा लगातार जीत रहा है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी काबिलियत से दुनिया के बड़े देशों का भरोसा लगातार जीत रहा : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के स्लोवाकिया और फ्रांस दौरे को सफल बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की लीडरशिप में भारत अपनी काबिलियत और कुशलता से दुनिया के बड़े देशों का भरोसा लगातार जीत रहा है।

भाजपा सांसद ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पीएम मोदी की स्लोवाकिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस यात्रा के सकारात्मक और दीर्घकालिक नतीजे आने वाले वर्षों में दिखाई देंगे, जिनकी नींव पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान रखी गई है। भारत को जी-7 समिट में खास मेहमान के तौर पर बुलाया गया था। समिट में पीएम मोदी ने 'इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड' का प्रस्ताव रखा, जिसमें सभी देशों ने दिलचस्पी दिखाई। यह पहली बार ऐसा हुआ कि पूरी तरह से सदस्य न होने के बावजूद, भारत इस मंच पर आगे बढ़कर भूमिका निभाता हुआ दिखा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट के लिए स्लोवाकिया गए। स्लोवाकिया गणराज्य पूर्वी यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण देश है, और किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। उन्हें वहां सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला, और कुल 33 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार पाने के बाद, वे एक खास और प्रतिष्ठित वैश्विक नेता के तौर पर उभरे हैं। जी-7 समिट दुनिया के आर्थिक रूप से अहम देशों की एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक है। नीस और पेरिस में हुई घटनाओं को देखकर आप समझ सकते हैं कि इस समिट के दौरान भारत ने कितनी अहम जगह बनाई।

एक खास 'ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (वैश्विक रणनीतिक साझेदारी) बनाई गई, जिसके तहत प्रधानमंत्री ने दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इसके अलावा, 'भारत इनोवेट्स 2026' समिट भी हुई। यह बात उल्लेखनीय है कि जी-77 समिट के मुख्य मेजबान होने के बावजूद, फ्रांस के राष्ट्रपति ने 'भारत इनोवेट्स' समिट में शामिल होने के लिए समय निकाला। इसके बाद पेरिस में 'विवा टेक' इवेंट हुआ, जिसमें भारत ने अहम भूमिका निभाई। इन इवेंट्स के साथ-साथ, प्रधानमंत्री ने कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और अनौपचारिक बातचीत भी की।

भारत और फ्रांस का जिक्र करते हुए कहा भाजपा सांसद ने कहा कि भारत और फ्रांस ने एआई और डेटा सुरक्षा के लिए एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और फ्रांस ने भारत के साथ इस सहयोग को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। निश्चित रूप से, ऐसे समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, यह और अधिक कुशल और प्रभावशाली साबित होगा। भारत और फ्रांस मिलकर इस क्षेत्र में एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकते हैं, जो अब तक मुख्य रूप से एक या दो देशों तक ही सीमित माना जाता रहा है।

फ्रांस ने अब ये निर्णय लिया है कि एसटीईएम में वो प्रतिवर्ष 30 हजार भारतीय छात्रों को अपने यहां सीटें देगा। अभी तक भारतीय छात्रों का फोकस ज्यादातर ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा की तरफ रहता था। अब यूरोप में भी उनके लिए एक नया डेस्टिनेशन शामिल हो गया है।

फ्रांस ने भारत के 'डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर' के साथ मिलकर एक मजबूत डिजिटल इको सिस्टम बनाने का फैसला किया है, जो भारत में सुरक्षित डेटा शेयरिंग और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जीडीपी के आंकड़ों को सिर्फ सामान्य आंकड़ों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह देखना भी उतना ही जरूरी है कि इस विकास का स्वरूप क्या है और इससे किसे फायदा हो रहा है।

कनाडा और भारत के रिश्ते पर भाजपा सांसद ने कहा कि अब रिश्तों ने साफ तौर पर एक नया मोड़ ले लिया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जानकारी की सुरक्षा से जुड़े एक आम समझौते पर हस्ताक्षर किए। सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़े जिन मुद्दों ने पहले भारत-कनाडा संबंधों में तनाव पैदा किया था, उनके बीच अब जानकारी के सही और तुरंत आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने वाला एक मानक समझौता हो गया है। इससे पता चलता है कि भारत-कनाडा संबंध, जो लंबे समय से एक खास दिशा में आगे बढ़ रहे थे, अब एक नए और सकारात्मक रास्ते पर चल पड़े हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने 50 बड़ी कंपनियों के सीईओ, बिजनेस लीडर्स और इनोवेटर्स से भी मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित अनेक वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं और साइडलाइन बैठकें कीं। इन चर्चाओं में रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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