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पीएम मोदी की अपील संभावित संकट से पहले तैयार रहने की दूरदर्शी चेतावनी: पद्म पुरस्कार विजेता शशि सोनी

बेंगलुरु, 12 मई (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार विजेता और उद्योगपति शशि सोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया अपील का स्वागत किया। उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा कि यह अपील देश को डराने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले संभावित संकट से पहले तैयार रहने की दूरदर्शी चेतावनी है।
पीएम मोदी की अपील संभावित संकट से पहले तैयार रहने की दूरदर्शी चेतावनी: पद्म पुरस्कार विजेता शशि सोनी

बेंगलुरु, 12 मई (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार विजेता और उद्योगपति शशि सोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया अपील का स्वागत किया। उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा कि यह अपील देश को डराने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले संभावित संकट से पहले तैयार रहने की दूरदर्शी चेतावनी है।

शशि सोनी ने पीएम मोदी की अपील को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने जो अपील की है, वह देश को डराने के लिए नहीं है। यह तूफान आने से पहले की चेतावनी है। हो सकता है कि पूरे संसार में जो स्थितियां बन रही हैं, कहीं युद्ध चल रहे हैं, कहीं तूफान आ रहे हैं, कहीं दिशाएं बदल रही हैं, उन्हें देखते हुए हमें अपने देश को संभालना है। यह सबको मिलकर करना है, यही प्रधानमंत्री का संदेश है।"

शशि सोनी ने सोने की खरीदारी पर प्रधानमंत्री की अपील को सही बताते हुए कहा, "उन्होंने अपील की कि हम सोना न खरीदें। अगर हम सोना नहीं खरीदेंगे तो ऐसा कुछ नहीं होगा कि हमारा नुकसान हो जाए। सोना जरूर खरीदें, जिसको अपनी बच्ची की शादी करनी है या कोई जरूरत है, वह थोड़ा-बहुत खरीदे, लेकिन अगर हम सोना खरीदकर अपने-अपने घरों में जमा नहीं करेंगे तो उस सोने से देश की अर्थव्यवस्था प्रबल और मजबूत होगी।"

उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बचत पर जोर देते हुए कहा, "पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल हम जितना कम करेंगे, उतना अच्छा है। आज एक-एक गाड़ी लेकर अलग-अलग लोग घर से निकलते हैं। किसी के घर में चार गाड़ियां हैं, किसी के पास दो हैं, लेकिन सब अलग-अलग दिशा में अलग-अलग गाड़ी से जाते हैं। अगर हम पेट्रोल बचाते हैं तो हमें दूसरे देशों के आगे हाथ फैलाने या घबराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"

शशि सोनी ने व्यावहारिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रिक व्हीकल आज सब नहीं खरीद सकते, पर एक गाड़ी में चार लोग शेयर करके जा सकते हैं। एक गाड़ी का इस्तेमाल पूरा परिवार कर सकता है। बहुत जरूरी हो, तभी घर से बाहर जाएं, या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। सरकार ने हर शहर, हर मेट्रो सिटी और हर जगह पर भरपूर साधन उपलब्ध कराया है।"

स्कूलों और कार्यालयों के संदर्भ में उन्होंने कहा, "स्कूलों के बारे में उन्होंने जो कहा है, पहले देश पर संकट आया था, उस वक्त भी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाती थी। बच्चे पढ़े भी थे, पास भी हुए थे। वह दोबारा किया जा सकता है। फैक्ट्रियां तो वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकतीं, पर जो ऑफिस हैं, आईटी इंडस्ट्री है, जो दूसरी इंडस्ट्री हैं, जिनका काम घर से हो सकता है, तो अगर हमारे कर्मचारी घर बैठकर काम करेंगे तो उससे भी पेट्रोल-डीजल की बचत होगी। ऑफिसों में लाइटें जलती हैं, पानी इस्तेमाल होता है, आवाजाही रहती है, वह भी बचेगी।"

उन्होंने कहा, "मैं भी एक उद्योगपति हूं। हमने देखा है कि इससे देश में कितनी बचत हो सकती है और काम भी ज्यादा हो सकता है। इसमें डरने की कोई बात नहीं है। जब-जब प्रधानमंत्री ने दिशा दिखाई है, उससे देश को फायदा ही हुआ है। हमने पहले भी युद्ध देखे हैं। हमारे देश ने युद्ध का सामना किया है। अगर हमें अंदेशा है और हमारे प्रधानमंत्री दूरदर्शी तो हैं ही — अगर उन्हें लगता है कि हमें देश को पहले से मजबूत करके रखना चाहिए, ताकि उस वक्त कोई संकट आए भी तो हमें भागम-भाग करने की जरूरत न पड़े, तो यह सही है।"

शशि सोनी ने सामूहिक प्रयास की बात करते हुए कहा, "जैसे राई-राई को इकट्ठा करके आदमी पहाड़ बना लेता है, वैसे ही अगर हर घर थोड़ा-थोड़ा भी करेगा, तो हम देश को काफी मजबूत बना सकते हैं। जिस डर की संभावना है, वह बहुत कम हो जाएगी।"

अंत में उन्होंने पूरे देश से प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने की अपील की और कहा, "हमारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने आज अपने देश के लिए जीने-मरने का संकल्प लिया है, उनके साथ हमें वैसे ही खड़ा होना पड़ेगा। उन्हें सशक्त करना पड़ेगा। पूरा देश उनके साथ है। चिंता की कोई बात नहीं है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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