पीएम मोदी के संदेश से पश्चिम बंगाल की जनता में उत्साह, बदलाव निश्चितः दिलीप घोष
न्यूटाउन, 15 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल के दौरे और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को घेरा है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, "पश्चिम बंगाल के लोग चाहते हैं कि हम और अधिक आक्रामक तरीके से काम करें। वे बदलाव के लिए तैयार हैं और यह सबसे अच्छा और सही समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश के बाद बंगाल के लोगों में उत्साह जागा है और उनके मन में मौजूद सभी शंकाएं दूर हो गई हैं। बदलाव निश्चित है।"
दिलीप घोष ने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल के लगभग पांच लाख लोगों को राज्य छोड़कर दूसरे स्थानों पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनके बुजुर्ग माता-पिता पीछे छूट गए हैं और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। अब बदलाव का माहौल बन चुका है। मेरा मानना है कि जिस तरह बंगाल ने कभी राष्ट्र का नेतृत्व किया था, वह एक बार फिर उसी राह पर अग्रसर होगा। जब बंगाल भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में आएगा, तो राज्य अपनी पुरानी शान को फिर से हासिल कर लेगा।"
दिलीप घोष ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी को बैठकें आयोजित करने की अनुमति न देना, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी उतरने न देना, हेलीकॉप्टरों के लिए अनुमति देने से इनकार करना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं को आने से रोकना और यहां तक कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करना। यह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की पुरानी आदत है। सरकार अब तो गुंडागर्दी पर उतर आई है। मंत्री डॉ. शशि पाजा सरेआम खड़े होकर गुंडों के साथ बसों पर पत्थर मार रही थी, जिसका वीडियो सामने आया है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले, परिवर्तन की इस आंधी को वो अब रोक नहीं पाएगी। एक समय बंगाल पूरे भारत को गति देता था, बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था, लेकिन आज यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल पा रहा है। आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा था कि ये टीएमसी वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे। जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता, ये किसी भी योजना को गांव, गरीब तक नहीं पहुंचने देते। इसलिए टीएमसी की सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है।
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