राहुल गांधी को जब देश गंभीरता से नहीं लेता है तो मैं क्यों लूं: स्मृति ईरानी
केरल, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केरल में कमल खिलेगा तो राज्य में विकास की नई परिभाषाएं लिखी जाएंगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर कटाक्ष किया।
केरल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ही संस्थागत भ्रष्टाचार के झंडाबरदार बन गए हैं। केरल के होनहार युवाओं को बेहतर अवसरों का हक है। हमें उम्मीद है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब केरल में कमल खिलेगा तो विकास के नए कीर्तिमान स्थापित होंगे। मैं हर नागरिक से अपील करती हूं कि वे भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करें, ताकि सार्थक विकास हर परिवार तक पहुंच सके। मेरी हर नागरिक से अपील है कि वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करें।
पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर स्मृति ईरानी ने कहा कि देश उन्हें गंभीरता से नहीं लेता है, मैं क्यों लूं?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे आरोपों का सबसे अच्छा जवाब यह कहकर दिया है कि एलडीएफ, यूडीएफ या कांग्रेस चाहे कुछ भी कहें, इतिहास गवाह है कि भारत की जनता ने केंद्र में सरकार बनाने के लिए लगातार तीन बार भारतीय जनता पार्टी को वोट दिया है। किसी भी राज्य में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, केंद्र सरकार ने हर नागरिक के लिए विकास संबंधी सहायता सुनिश्चित की है।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को भारतीय जनता पार्टी पहले ही पारित कर चुकी है। मैं यह कहना चाहूंगी कि महिलाओं ने विशेष रूप से उन महिलाओं ने जिन्होंने अपने साथी नागरिकों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। इस सकारात्मक कदम को सुनिश्चित करने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया है।
लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद वाले बयान का जिक्र करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि संसद में गृह मंत्री के हालिया भाषण के दौरान, जब हमने 'रेड टेरर कॉरिडोर' (लाल आतंक गलियारे) से निपटने में सरकार की सभी उपलब्धियों को उजागर किया, तो पेश किए गए सबूतों से यह साफ जाहिर था कि भारत में वामपंथी दल न केवल अराजकता के पक्षधर हैं, बल्कि संवैधानिक अराजकता के भी हैं। ऐसे राजनीतिक संगठन को भारत में केवल देश को कमजोर करने और नागरिकों के विश्वास को खत्म करने के लिए संस्थागत रूप दिया गया था।
--आईएएनएस
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