पीएम मोदी के गुजरात दौरे की तैयारी पूरी, मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और जिलाधिकारी निलेश उपाध्याय ने दी जानकारी
गांधीनगर, 9 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी को तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर जाएंगे, जहां वे सोमनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। इन तैयारियों के बारे में गुजरात सरकार में मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और जिलाधिकारी निलेश उपाध्याय ने जानकारी देते हुए सोमनाथ मंदिर के महत्व को भी रेखांकित किया।
मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि आज से एक हजार साल पहले विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे लूटा था। इसके बाद बार-बार इस मंदिर पर हमला किया गया। महमूद गजनवी ने ऐसा करके हमारे आत्मसम्मान पर प्रहार किया था। इसके बाद 1951 में सरदार साहब ने मंदिर का जीर्णोद्धार करने का फैसला किया। जब मंदिर का निर्माण पूरा हुआ, तो राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर में पूजा की और भगवान शिव की प्रतिमा को भी स्थापित किया। अब इस घटना को भी 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान' पर्व के रूप में पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाने का फैसला किया ताकि देश की जनता इस मंदिर के ऐतिहासिक महत्व से परिचित हो सके। यह मंदिर हमारी आस्था और विरासत का प्रतीक है, जिससे हम पूरी दुनिया को परिचित करा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि अब चाहे वो भगवान राम का मंदिर हो, भगवान द्वारकाधीश का मंदिर हो, भगवान सोमनाथ का मंदिर हो, या काशी विश्वनाथ का या मथुरा का मंदिर हो, सभी जगह हम अपनी श्रद्धा के प्रतीक को जागृत कर रहे हैं। यह पूरे देश और हिंदू समुदाय के लिए हर्ष का विषय है, जिसका हम सभी लोगों को स्वागत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज फिर से समस्त विश्व के सामने हमारा मस्तक ऊंचा है। इसका श्रेय निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पिछले 10 वर्षों में की गई तपस्या को जाता है, इसलिए सोमनाथ मंदिर में उत्सव का माहौल दिख रहा है।
वहीं, जिलाधिकारी निलेश उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे शौर्य यात्रा में भी हिस्सा लेंगे। शौर्य यात्रा के लिए प्रशासन की तरफ से पूरे रूट को तैयार किया गया है। पहले प्रधानमंत्री पूजा करेंगे। पूजा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांता ने आज से एक हजार साल पहले सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। लेकिन, इस हमले के बावजूद भी आज की तारीख में लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। यह हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है। विदेशी आक्रांता की तरफ से हुए इस हमले के बाद हम अपनी संस्कृति को संरक्षित और समृद्ध करने में सफल रहे। यह हमारे लिए अद्भुत विषय है। हम आम लोगों के बीच में यही संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने शौर्य यात्रा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम लोग भी शौर्य यात्रा में हिस्सा ले सकेंगे। इस यात्रा के लिए हमने 108 अश्वों को तैयार किया है। शौर्य यात्रा के लिए 108 मीटर का रूट निर्धारित किया गया है। मंदिर परिसर के अंदर 72 घंटे तक युद्ध चला था। इसी को देखते हुए यहां पर 72 घंटे के लिए लगातार ओमकार जाप चल रहा है। यह सिलसिला 11 तारीख तक जारी रहेगा। देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। हमने श्रद्धालुओं के लिए पूरी तैयारी की है। अभी हमें कोई दिक्कत नहीं है। प्रतिदिन यहां पर 50 से 60 हजार श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रशासन हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
--आईएएनएस
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