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पीएम मोदी का युवाओं और खिलाड़ियों से संवाद, वीडियो में बोले- ‘जो खेले, वो खिले’, ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाना जरूरी

पीएम मोदी का युवाओं और खिलाड़ियों से संवाद, वीडियो में बोले- ‘जो खेले, वो खिले’, ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाना जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने 1,500 से ज्यादा स्थानों पर मौजूद युवाओं और खिलाड़ियों से जुड़कर भारत के खेल भविष्य और खिलाड़ियों की भूमिका पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के निर्माण और देश की खेल शक्ति को मजबूत करने का बड़ा अभियान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को देश के सामने भारत का स्पोर्ट्स विजन रखा था। इस विजन का उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ज्यादा से ज्यादा पदक हासिल करना नहीं है। इसका मकसद देश में खेलों के प्रति माहौल तैयार करना, युवाओं को खेलों से जोड़ना और भारत को दुनिया की प्रमुख खेल शक्तियों में शामिल करना है।

ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाने पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ओलंपिक में अपनी भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे खेल हैं, जिनमें भारत की ओलंपिक स्तर पर भागीदारी नहीं रही है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ओलंपिक में 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है। ऐसे में देश के सामने चुनौती केवल पदक जीतने की नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा खेलों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की भी है।उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। खेलों को लेकर देश में ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जिसमें गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले।

‘जो खेले, वो खिले’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वह हमेशा कहते हैं, ‘जो खेले, वो खिले।’ उन्होंने खेलों को केवल मैदान पर जीत और हार से जोड़कर देखने के बजाय इसे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पीएम ने कहा कि खेल इंसान को अनुशासन, टीम भावना, मेहनत और चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं।उन्होंने कहा कि खेल में जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन खेलों का महत्व इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। नियमित रूप से खेलों से जुड़ने से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। यही युवा आगे चलकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों और युवाओं से खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में खेलों की दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार के प्रयासों के साथ खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।पीएम मोदी के इस संवाद को देशभर में युवाओं और खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत अधिक से अधिक खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा और वैश्विक खेल मंच पर देश की भागीदारी लगातार बढ़ेगी।

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