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PM मोदी ने लाल किले से दिया 76 मिनट का भाषण, बोले- ‘हथियारी नक्सल चले गए, दिमागी नक्सल से सावधान रहने की जरूरत’

PM मोदी ने लाल किले से दिया 76 मिनट का भाषण, बोले- ‘हथियारी नक्सल चले गए, दिमागी नक्सल से सावधान रहने की जरूरत’

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 76 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा, विकास, युवाओं, अर्थव्यवस्था और सामाजिक चुनौतियों समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सली अब चले गए हैं, लेकिन उनके मुताबिक विचारधारा के स्तर पर समाज को प्रभावित करने वाली चुनौती अभी भी मौजूद है। उन्होंने इसे ‘दिमागी नक्सल’ की संज्ञा देते हुए लोगों को सतर्क रहने की बात कही।

‘हथियारी नक्सल चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल...’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने लंबे समय तक हिंसक नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया है। सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से हिंसक गतिविधियों में कमी आई है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सल चले गए, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ मौके की तलाश में हैं।

पीएम के मुताबिक ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी विचारधाराओं को लेकर सजग रहने का आह्वान किया।

लाल किले से कई मुद्दों पर बोले पीएम

प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संबोधन देश की नीतियों और भविष्य की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार भी उन्होंने अपने भाषण में सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर बात की।

उन्होंने देशवासियों से विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत की नई पीढ़ी देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है।

देश की सुरक्षा पर भी जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने आतंकवाद और देश की एकता को चुनौती देने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और भारत अपनी संप्रभुता तथा अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।

युवाओं से बड़ी भूमिका निभाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक, नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

76 मिनट का संबोधन रहा चर्चा में

लाल किले से प्रधानमंत्री का करीब 76 मिनट लंबा भाषण स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। भाषण के दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों का जिक्र किया।

नक्सलवाद पर प्रधानमंत्री की ‘हथियारी नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी ने खास तौर पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है।

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