Samachar Nama
×

पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति वार्ता से भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता : जदयू

पटना, 13 मार्च (आईएएनएस)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुई बातचीत को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और इसका सीधा फायदा भारत को मिला है।
पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति वार्ता से भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता : जदयू

पटना, 13 मार्च (आईएएनएस)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुई बातचीत को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और इसका सीधा फायदा भारत को मिला है।

राजीव रंजन प्रसाद ने आईएएनएस से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुई वार्ता के बाद भारतीय जहाजों को अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आवागमन की अनुमति मिल गई है। उन्होंने बताया कि इस फैसले के बाद भारत को तेल की आपूर्ति भी शुरू हो गई है और अब तक करीब 1.35 लाख मीट्रिक टन तेल भारत पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इस दौरान जदयू प्रवक्ता ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत एक बहुदलीय लोकतंत्र है, जहां अलग-अलग दलों के चुने हुए सांसद संसद में पहुंचते हैं। ऐसे में ओम बिरला जैसे लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उन्हें सभी दलों का स्पीकर माना जाता है।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने भी साफ कहा है कि किसी भी सांसद को नियमों का उल्लंघन करने या मनमाने तरीके से कुछ भी बोलने का विशेषाधिकार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्पीकर के पास ऐसा कोई बटन नहीं है जिससे किसी की माइक को बंद किया जा सके।

जदयू प्रवक्ता नेता ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में विपक्ष के कई सांसदों से जुड़ी अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि संसद जनता की कमाई के पैसे से चलती है, इसलिए ऐसी हरकतें कर संसद की कार्यवाही में बाधा डालना ठीक नहीं है। सभी दलों के सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करें।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

Share this story

Tags