बिश्केक में अचानक मिले PM मोदी और शी जिनपिंग, फुटेज में देंखे हाथ मिलाया; पाकिस्तान के सामने आतंकवाद पर दिया सख्त संदेश
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। दोनों के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से निर्धारित नहीं थी। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए।SCO समिट में भारत, चीन और रूस समेत संगठन के सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। बिश्केक में हुई इस मुलाकात को भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, मोदी और शी के बीच हुई यह बातचीत संक्षिप्त रही और इसे अलग से निर्धारित द्विपक्षीय बैठक नहीं बताया गया है।
हाथ मिलाकर की बातचीत
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग एक-दूसरे के सामने आए। दोनों ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ दिखाई दिए। तीनों देशों के नेताओं की यह तस्वीर SCO सम्मेलन के दौरान खास चर्चा में रही।बिश्केक में हो रहा SCO सम्मेलन क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा का मंच बना है। संगठन की स्थापना के शुरुआती उद्देश्यों में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटना प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
पाकिस्तान के सामने आतंकवाद पर मोदी का सख्त संदेश
SCO समिट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की जरूरत पर जोर दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में मोदी ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को नीति के साधन के तौर पर इस्तेमाल करने वाले और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों को स्पष्ट संदेश देना जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद के सिर्फ एक हिस्से के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसके पूरे तंत्र को खत्म करने पर जोर दिया।
आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। आतंकवाद को किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना, समर्थन या संसाधन उपलब्ध कराने वाले तंत्र के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जरूरत बताई।प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब SCO के मंच पर भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस समेत कई प्रमुख क्षेत्रीय शक्तियां मौजूद हैं। ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ उनका संदेश खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन से भी मोदी की मुलाकात
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी ने यूक्रेन युद्ध को लेकर भी शांति और संघर्ष खत्म करने की जरूरत पर भारत का रुख दोहराया।बिश्केक में एक ही मंच पर मोदी, शी और पुतिन की मौजूदगी ने सम्मेलन को खास बना दिया है। SCO के मंच पर इन तीनों नेताओं की बातचीत और मुलाकातों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है।कुल मिलाकर, बिश्केक SCO समिट में प्रधानमंत्री मोदी की गतिविधियों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अचानक हुई मुलाकात और पाकिस्तान की मौजूदगी में आतंकवाद के खिलाफ दिया गया सख्त संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। भारत ने साफ संकेत दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मानदंड को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

