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पीएम मोदी अद्वितीय मार्गदर्शक, विकास परियोजनाओं की निगरानी व्यक्तिगत स्तर पर करने वाले पहले नेता :हरदीप सिंह पुरी

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने यह बात कही, जब पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है।
पीएम मोदी अद्वितीय मार्गदर्शक, विकास परियोजनाओं की निगरानी व्यक्तिगत स्तर पर करने वाले पहले नेता :हरदीप सिंह पुरी

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने यह बात कही, जब पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है।

हरदीप पुरी ने कहा, “मैं अपने मन की कुछ बातें शेयर करना चाहता हूं। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में मैं नौ वर्षों से उनकी टीम का हिस्सा रहा हूं। यह मेरा नौवां वर्ष है। मैंने भारत में कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है और अन्य देशों के राजनीतिक नेतृत्व को भी करीब से देखा है। आज तक मैंने ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा, जिसके पास प्रधानमंत्री मोदी जैसा व्यापक ज्ञान हो। विकास से जुड़े विषयों पर उनकी समझ और बड़े स्तर पर मार्गदर्शन देने की क्षमता अद्वितीय है।”

उन्होंने कहा कि चाहे प्राकृतिक गैस का विषय हो, प्राकृतिक खेती, कृषि या उर्वरकों के उपयोग का मामला हो, प्रधानमंत्री जिस विषय पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उस पर उनका ज्ञान और शोध उल्लेखनीय होता है।

केंद्रीय मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में शुरू की गई कई योजनाओं की नींव प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पहले ही रख दी थी। स्वच्छता अभियान और शहरी विकास से जुड़ी कई पहलें उन्होंने गुजरात में छोटे स्तर पर लागू की थीं। कई लोगों का मानना था कि भूमि जैसे विषय राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री का विचार था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ऐसी योजनाएं बना सकती हैं, जो देश को विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने वरिष्ठ स्तर पर स्वयं परियोजनाओं की निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया। हर महीने होने वाली प्रगति समीक्षा बैठकों में वे विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठकर अलग-अलग परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं। यदि किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखाई देती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सहयोग लेने की सलाह देते हैं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जो कार्य हुए हैं, वे केवल सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसके लिए उद्योग जगत के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी उपभोक्ताओं को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ने तथा अन्वेषण एवं उत्पादन नीति में बदलाव जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यभार संभालने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में व्यापक सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के सेडिमेंटरी बेसिन के लगभग 35 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ऐसा था, जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से चर्चा की और इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत स्तर पर नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ की ओर से भी इस विषय पर कई आपत्तियां थीं।

उन्होंने कहा कि अंततः नीतिगत बदलाव किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान महत्वपूर्ण रहा। ड्रोन तकनीक का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही थी। सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चुनौतियां पैदा हो सकती हैं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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