पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुए चिराग पासवान, बोले- 6 साल बाद भी मिल रहा सम्मान
लखनऊ, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में अपने पिता और दिवंगत नेता रामविलास पासवान की जयंती राजकीय सम्मान के साथ मनाने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। इसके साथ ही, उन्होंने गठबंधन और सीटों की तैयारियों, राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे और अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर भी प्रतिक्रिया दी।
चिराग पासवान ने कहा कि एक पुत्र के रूप में यह उनके लिए गर्व की बात है कि उनके पिता के निधन के छह साल बाद भी उन्हें इतना सम्मान और प्यार मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार सरकार और विभिन्न राज्यों के नेताओं द्वारा रामविलास पासवान को याद किए जाने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। पार्टी की प्रदेश इकाई की इच्छा थी कि रामविलास पासवान के योगदान को केवल बिहार तक सीमित न रखा जाए, क्योंकि उत्तर प्रदेश से भी उनका जुड़ाव रहा था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के कार्यक्रम में शामिल होने और उनके पिता को याद करने से परिवार और पार्टी को प्रेरणा मिली। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में भी रामविलास पासवान की जयंती राजकीय सम्मान के साथ मनाने की बात कही और प्रतिमा स्थापित करने की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए। चिराग ने इसे अपने लिए राजनीति से ऊपर एक पुत्र के रूप में सम्मान का विषय बताया।
गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर चल रही अटकलों के बीच चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी 403 विधानसभा सीटों पर मजबूत तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जिस सीट पर पार्टी चुनाव लड़े, गठबंधन सहयोगी लड़े या किसी परिस्थिति में अकेले चुनाव लड़ना पड़े, हर सीट पर संगठन मजबूत स्थिति में रहे।
राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करने की अनुमति है और सक्रिय विपक्ष से सरकार की जवाबदेही बढ़ती है। विपक्ष को सवाल उठाने और सरकार को घेरने का अधिकार है, लेकिन उठाए गए सवालों के जवाब जानने का प्रयास भी होना चाहिए। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और यदि विपक्ष को किसी विषय पर संदेह है तो उसे चुनाव आयोग से समय लेकर अपने सवाल रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी पहले चुनाव आयोग के सामने सवाल उठाए थे और उन्हें जवाब मिले, जिनसे वे संतुष्ट हुए। विपक्ष चाहे तो दोबारा समय लेकर अपने सवाल पूछ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को पासवान ने ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक राज्य और केंद्र सरकार के नेतृत्व में सार्वजनिक सेवा की भूमिका में बने रहना दुर्लभ है। चिराग ने कहा कि उनके पिता भी प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में लंबे समय तक रहे और पिछले दो वर्षों से वे स्वयं केंद्रीय मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर चिराग पासवान ने कहा कि आस्था पूरी तरह व्यक्तिगत विषय है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक आस्था पर सार्वजनिक टिप्पणी या उसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं भगवान महादेव के भक्त हैं, लेकिन उनकी आस्था निजी है। उनके अनुसार, कोई राम मंदिर जाए या न जाए और उसकी आस्था कैसी है, इसका उत्तर प्रदेश की राजनीति से संबंध नहीं होना चाहिए। प्रदेश की राजनीति विकास के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। जाति, धर्म और व्यक्तिगत आस्था जैसे विषय वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका सकते हैं।
नाना पाटेकर के निधन पर चिराग पासवान ने कहा कि यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण क्षति है। उन्होंने नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा की एक पूरी पहचान बताते हुए कहा कि उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में दशकों तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं और अभिनय की कला को नई ऊंचाई दी। चिराग ने कहा कि मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान उनकी नाना पाटेकर से मुलाकात भी हुई थी और उनके प्रोडक्शन हाउस ने एक फिल्म में भूमिका के लिए उनसे संपर्क किया था।
--आईएएनएस
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