Samachar Nama
×

परदेस गर्ल : पिता चाहते थे बेटी आईएएस बने, पहली फिल्म से बनीं सुपरस्टार, फिर हुईं गुम

परदेस गर्ल : पिता चाहते थे बेटी आईएएस बने, पहली फिल्म से बनीं सुपरस्टार, फिर हुईं गुम
परदेस गर्ल : पिता चाहते थे बेटी आईएएस बने, पहली फिल्म से बनीं सुपरस्टार, फिर हुईं गुम

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में 1990 के दौर में एक अभिनेत्री अचानक से स्टार बनकर उभर रही थीं, जिनकी पहली ही फिल्म ने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया था। उनकी खूबसूरती और अदाकारी देखकर लोग उन्हें सुपरस्टार मानने लगे थे, लेकिन फिर वो गुमनाम हो गईं। हम बात कर रहे हैं सुभाष घई की फिल्म 'परदेस' की अभिनेत्री महिमा चौधरी की।

13 सितंबर 1973 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में जन्मी महिमा चौधरी के बचपन का नाम ऋतु चौधरी था। पढ़ने-लिखने के समय ही वो मॉडल बनने का सपना देखने लगी थीं। परिवार नहीं चाहता था कि महिमा मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया की ओर रुख करें। पिता चाहते थे कि महिमा अच्छे से पढ़ें और आईएएस अफसर बनें। महिमा चौधरी ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र किया था।

उनकी खूबसूरती चर्चाओं में रहती थी और ऐसे में उन्होंने मॉडल और हीरोइन बनने का फैसला कर लिया। शुरू-शुरू में वह कुछ टेलीविजन विज्ञापनों में नजर आईं। ऋतु चौधरी भारत में तब मशहूर हुईं, जब वे आमिर खान और ऐश्वर्या राय के साथ एक कोल्ड ड्रिंक कंपनी के विज्ञापन में नजर आईं। वो बाद में म्यूजिक चैनल के लिए वीजे बनीं। उन्हें ढेरों मॉडलिंग असाइनमेंट भी मिलने लगे थे।

उसी दौर में सुभाष घई की नजर उन पर पड़ी। ऋतु चौधरी को महिमा चौधरी के तौर पर यह स्टेज नेम तब मिला, जब उन्होंने सुभाष घई के कहने पर बॉलीवुड में कदम रखा। यही नाम उनके फिल्मी करियर में भी चल पड़ा।

महिमा ने शाहरुख खान के साथ 'परदेस' (1997) फिल्म से शानदार शुरुआत की। यह फिल्म जबरदस्त हिट रही और महिमा रातों-रात स्टार बन गईं। उन्होंने 'बेस्ट फीमेल डेब्यू' का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता, जिससे बॉलीवुड में उनकी पहचान एक नए और बेहद लोकप्रिय स्टार के तौर पर बनी।

वो आगे चलकर बड़े से बड़े अभिनेता के साथ काम करती हुई नजर आईं। उन्होंने संजय दत्त से लेकर अनिल कपूर, अजय देवगन और शाहरुख खान जैसे कलाकारों के साथ फिल्में कीं। शुरुआती फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

उन्होंने अलग-अलग तरह के रोल निभाकर अपनी काबिलियत साबित की और अलग-अलग इंडस्ट्रीज के दर्शकों का दिल जीता। साल 2000 की शुरुआत में महिमा चौधरी एक बड़ी स्टार बनकर उभरीं जरूर, मगर उसके बाद धीरे-धीरे फिल्मों से दूर होती चली गईं।

उन्हें भयानक कार दुर्घटना का भी सामना करना पड़ा था। महिमा के लिए यह एक बहुत बड़ा सदमा था और उन्हें ठीक होने के लिए एक लंबी और दर्दनाक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था। उस घटना के बाद महिमा चौधरी फिल्म इंडस्ट्री में कभी उभर नहीं पाईं और बदकिस्मती से धीरे-धीरे गुमनाम हो गईं।

हालांकि, बहुत सारी फिल्म करने के बावजूद महिमा चौधरी आज भी 'परदेस गर्ल' के नाम से याद रखी जाती हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/एबीएम

Share this story