पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने पर दिलीप घोष ने सरकार का किया बचाव, कहा- पीएम मोदी ने हमें कोई नुकसान नहीं होने दिया
कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि वैश्विक युद्ध और संकटों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश पर बोझ बढ़ने से बचाया। कम से कम दाम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे देश के नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "दुनिया में जो युद्ध चल रहा है, उसने दूसरे देशों के लिए कई संकट खड़े कर दिए हैं। हम देश में बढ़ोतरी की जा रही है, पीएम मोदी ने अचानक से यह बोझ हम पर नहीं डाला है। सिर्फ गैस की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लेकिन हर कोई जानता था कि देर-सवेर ये बढ़ेंगी। पेट्रोल-डीजल पर कम से कम बढ़ोतरी की गई है। जनता को समझना चाहिए और कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां भारी घाटे में चल रही हैं और उन्हें हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। हालांकि, वे कितना बोझ उठा सकती हैं, इसकी भी एक सीमा होती है, इसलिए सिर्फ़ उतनी ही बढ़ोतरी की गई, जितनी ज़रूरी थी। ये परेशानी केवल भारत में नहीं है बल्कि इसका असर पूरे विश्व में देखने को मिलता है। केंद्र सरकार जनता के हित में काम कर रही है।"
दिलीप घोष ने कहा कि विगत कई महीनों से चल रहे संकट के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है। बहुत सारे विकसित देशों में बहुत पहले ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए थे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों ने इसे नियंत्रण में रखा। अब लोग खुद ही इस बात को समझ रहे हैं। पीएम मोदी ने हमें कोई नुकसान नहीं होने दिया है।
कोलकाता के डीजीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ़्तारी पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "सरकारी दफ़्तरों, पुलिस प्रशासन और दूसरे विभागों में भी ऐसे कई अधिकारी हैं जो हेराफेरी करने, सरकारी पैसे की लूट करने और प्रशासन का गलत इस्तेमाल करने में शामिल हैं। यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। ऐसे कई नेता और मंत्री भी हैं।"
बता दें कि देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम

