भारत में रह रहे 6 गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को अब लेना होगा वीजा, गृह मंत्रालय ने बदले इमिग्रेशन नियम; पाकिस्तानियों को भी मिली राहत
भारत सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को अब देश में रहने के लिए वीजा लेना अनिवार्य होगा। इन समुदायों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं। पहले इन लोगों को भारत में प्रवेश और रहने के लिए पासपोर्ट तथा वीजा दोनों की अनिवार्यता से छूट मिली हुई थी। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को नए संशोधनों की अधिसूचना जारी की है।नए नियमों के तहत यह बदलाव उन लोगों पर लागू होगा, जो 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले भारत आए थे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत पहुंचे थे या जिनके पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी है। अब उन्हें भारत में रहने के लिए निर्धारित वीजा संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
छह गैर-मुस्लिम समुदायों को पहले मिली थी छूट
दरअसल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को भारत सरकार ने पहले विशेष राहत दी थी। इस व्यवस्था के तहत हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के ऐसे लोगों को पासपोर्ट और वीजा संबंधी अनिवार्यताओं से छूट दी गई थी, जो निर्धारित समयसीमा तक भारत आ चुके थे।इसका उद्देश्य पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे लोगों को भारत में शरण और सुरक्षा प्रदान करना था। हालांकि, गृह मंत्रालय के नए संशोधन के बाद इन लोगों को भारत में रहने के लिए वीजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने में राहत
गृह मंत्रालय के नए संशोधनों में कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को भी राहत दी गई है। नियमों के अनुसार, 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले भारत आए कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।यह राहत विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो भारत में स्थायी रूप से रहने के उद्देश्य से आए थे, लेकिन उनके पास पाकिस्तान का राष्ट्रीय पहचान पत्र यानी CNIC नहीं होने के कारण पासपोर्ट का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा था।हालांकि, इस छूट का लाभ उठाने के लिए संबंधित लोगों को कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें लिखित आश्वासन देना भी शामिल है कि वे दोबारा पाकिस्तान नहीं लौटेंगे। यानी यह राहत सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लोगों के लिए है।
भारत, नेपाल और भूटान के बीच यात्रा के नियम भी स्पष्ट
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में भारत, नेपाल और भूटान के बीच आवागमन से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है। इन देशों के नागरिकों की यात्रा और सीमा पार आवाजाही को लेकर लागू प्रावधानों में आवश्यक स्पष्टीकरण दिए गए हैं।भारत, नेपाल और भूटान के बीच पारंपरिक रूप से लोगों का आवागमन होता रहा है। ऐसे में नए संशोधनों के जरिए इमिग्रेशन नियमों को अधिक स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है।
गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इमिग्रेशन नियमों में किए गए सभी संशोधनों का उल्लेख किया गया है। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के लोगों के लिए पासपोर्ट, वीजा और यात्रा दस्तावेजों से संबंधित प्रावधान तय किए गए हैं।नए बदलावों के बाद संबंधित लोगों को अपनी श्रेणी और पात्रता के अनुसार नियमों का पालन करना होगा। खास बात यह है कि वीजा संबंधी नई व्यवस्था और पाकिस्तानी नागरिकों को दी गई पासपोर्ट नवीनीकरण की छूट अलग-अलग प्रावधानों के तहत लागू होगी। इससे भारत में रह रहे इन लोगों के लिए इमिग्रेशन संबंधी नियमों की स्थिति स्पष्ट होगी।

