Samachar Nama
×

पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की योजना रद्द की

वॉशिंगटन, 16 मई (आईएएनएस)। पेंटागन ने अमेरिका में तैनात 4,000 से अधिक सैनिकों को अस्थायी रूप से पोलैंड भेजने की योजना रद्द कर दी है। कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। इसके साथ ही
पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की योजना रद्द की

वॉशिंगटन, 16 मई (आईएएनएस)। पेंटागन ने अमेरिका में तैनात 4,000 से अधिक सैनिकों को अस्थायी रूप से पोलैंड भेजने की योजना रद्द कर दी है। कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। इसके साथ ही

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ क्रिस्टोफर ला नेव ने शुक्रवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान बताया कि अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख को “सैन्य बलों में कटौती के निर्देश प्राप्त हुए थे।”

ला नेव ने कहा, “मैंने उनके साथ करीबी परामर्श में इस बात पर काम किया कि कौन-सी सैन्य इकाई इसमें शामिल होगी और यह निर्णय लिया गया कि उस ब्रिगेड के लिए थिएटर में तैनाती न करना सबसे उपयुक्त होगा।” वह सेकेंड आर्मर्ड ब्रिगेड काम्बेट टीम का जिक्र कर रहे थे।

जनरल ने बताया कि यूनिट के कुछ हिस्सों को पहले ही विदेश भेजा जा चुका था और उसका सैन्य उपकरण रास्ते में था। तैनाती रद्द करने का आदेश अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय से आया था। हालांकि, इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति में शामिल डेमोक्रेट सदस्य जीन शाहीन ने कहा कि कांग्रेस को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां तक मुझे जानकारी है, हमें इसके बारे में सूचित नहीं किया गया था।”

पेंटागन ने दो सप्ताह पहले घोषणा की थी कि अगले छह से 12 महीनों में जर्मनी से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा।

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली के मीडिया से कहा था कि वह अभी भी इटली में स्थित सैन्य अड्डों से सैनिकों को हटाने पर “विचार कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “जब हमें जरूरत थी, तब इटली हमारे साथ नहीं था।” स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। ट्रंप ने यह टिप्पणी एक फोन इंटरव्यू में की थी।

ट्रंप की सैनिकों के स्थानांतरण संबंधी टिप्पणी पर इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने कहा कि वह इसके पीछे की “तर्कसंगतता को समझ नहीं पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इटली अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने और समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए एक मिशन की तैयारी कर रहा है।

इटली की समाचार एजेंसी एएनएसए ने 1 मई को रिपोर्ट दी थी कि ट्रंप ने कहा था कि वह स्पेन और इटली में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम कर सकते हैं। उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध में मदद नहीं की।

अमेरिकी रक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक इटली में लगभग 12,700 सक्रिय अमेरिकी सैनिक स्थायी रूप से तैनात थे, जिससे जर्मनी के बाद यह यूरोप में अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति बनती है।

--आईएएनएस

पीएम

Share this story

Tags