पायल सैनी को प्रदेश महिला कांग्रेस का महासचिव नियुक्त, चूरू जिले में खुशियों की लहर
चूरू जिले की पूर्व नगरपरिषद सभापति पायल सैनी को राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही महिला कांग्रेस में पायल सैनी की जिम्मेदारी और प्रभाव बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस ने उनके संगठनात्मक और नेतृत्व कौशल को देखते हुए यह महत्वपूर्ण पद उन्हें सौंपा है।
सूत्रों के अनुसार, पायल सैनी ने नगरपरिषद सभापति के रूप में अपने कार्यकाल में प्रभावशाली नेतृत्व का प्रदर्शन किया। उनके प्रयासों से स्थानीय प्रशासन और महिला कल्याण योजनाओं में सुधार देखने को मिला। अब प्रदेश महिला कांग्रेस में महासचिव के रूप में उनके नेतृत्व से संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पायल सैनी ने इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह प्रदेश महिला कांग्रेस के सभी सदस्यों के साथ मिलकर महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा, “महिला कांग्रेस को मजबूत बनाना और महिलाओं के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना मेरी जिम्मेदारी होगी। मैं संगठन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास करूंगी।”
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पायल सैनी की नियुक्ति का स्वागत किया और उनके अनुभव और नेतृत्व कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस के महासचिव के रूप में पायल सैनी संगठन में नई ऊर्जा और नई दिशा लेकर आएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पायल सैनी का यह कदम महिला राजनीति में एक सकारात्मक संदेश देता है। उनके नेतृत्व में महिला कांग्रेस संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत होगा और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के मुद्दों पर प्रभावी अभियान चलाए जा सकेंगे।
चूरू जिले के स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी उनकी नियुक्ति पर खुशी व्यक्त की। उनका कहना है कि पायल सैनी की सक्रियता और जनता से जुड़ाव ने उन्हें यह सम्मान दिलाने में मदद की है। लोगों का मानना है कि उनके प्रयासों से महिलाओं के सशक्तिकरण और स्थानीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे।
राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस ने भी कहा कि पायल सैनी के मार्गदर्शन में संगठन को नई रणनीतियों और योजनाओं के माध्यम से और प्रभावी बनाया जाएगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को लागू करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
कुल मिलाकर, पायल सैनी की नियुक्ति से राजस्थान की महिला राजनीति में नई उम्मीदें और सक्रियता देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि उनके नेतृत्व में महिला कांग्रेस संगठन और राजनीतिक प्लेटफॉर्म दोनों में मजबूत प्रभाव डाल सकेगी।

