पटना में बंटी यादव हत्याकांड में कथित लापरवाही पर चार पुलिसकर्मी निलंबित
पटना, 14 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्याकांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अपहरण के दौरान कथित लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई पटना सेंट्रल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) ममता कल्याणी ने विभागीय जांच के आधार पर की है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह तथा गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं।
बताया गया कि निलंबन अवधि के दौरान चारों का मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना रहेगा। साथ ही सभी को तीन दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है। 6 जुलाई की रात बंटी यादव के कथित अपहरण के समय डायल-112 और गश्ती दल में शामिल ये पुलिसकर्मी घटनास्थल से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे।
इसके बावजूद उन्हें घटना की जानकारी नहीं मिली और न ही किसी तरह का तत्काल हस्तक्षेप किया गया। विभाग ने इसे ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आरोप है कि 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन क्षेत्र से बंटी यादव का कथित तौर पर कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
परिजन लगातार पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाते रहे, लेकिन करीब पांच दिन बाद बंटी का शव पटना के अथमलगोला क्षेत्र से बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने की भी कोशिश की थी। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई, गश्ती व्यवस्था और अपहरण के दौरान कथित निष्क्रियता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब चार पुलिसकर्मियों के निलंबन को विभाग की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच अभी जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि घटनास्थल के इतने करीब पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद अपहरण जैसी गंभीर वारदात की सूचना उन्हें क्यों नहीं मिली और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी।
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