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पश्चिम बंगाल : श्यामपुकुर में टीएमसी का किला ढहा, भाजपा की शानदार जीत

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा की चर्चित सीटों में से एक श्यामपुकुर के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस सीट पर टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा को भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने करारी शिकस्त दी है।
पश्चिम बंगाल : श्यामपुकुर में टीएमसी का किला ढहा, भाजपा की शानदार जीत

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा की चर्चित सीटों में से एक श्यामपुकुर के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस सीट पर टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा को भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने करारी शिकस्त दी है।

इस चुनाव में पूर्णिमा चक्रवर्ती को 60,248 वोट मिले। उन्होंने टीएमसी की शशि पांजा को 14 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। इस चुनाव में शशि पांजा को 45,615 वोट मिले हैं। नतीजों के साथ ही यह विधानसभा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है, क्योंकि 2011 से यहां तृणमूल कांग्रेस का लगातार दबदबा रहा था, लेकिन इस बार टीएमसी का किला धवस्त हो गया। शशि पांजा की हार टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका है।

इस सीट का सफर राजनीतिक लिहाज से काफी दिलचस्प रहा है। 1951 से अब तक यहां 18 चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती दौर में फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा, जिसने 10 बार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने चार बार यह सीट जीती। 1971 का चुनाव हिंसक घटनाओं के कारण रद्द हो गया था, जो इस सीट के इतिहास का एक अहम अध्याय है। 2011 के बाद से तृणमूल कांग्रेस ने यहां अपनी मजबूत पकड़ बनाई। शशि पांजा ने 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज की और हर बार अलग-अलग मार्जिन से विरोधियों को हराया। लेकिन, 2026 के चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की।

इस सीट की एक खास बात यह भी है कि यहां मतदाताओं की संख्या समय के साथ घटी है, जो बाकी सीटों से अलग ट्रेंड को दर्शाती है। साथ ही, अनुसूचित जाति और मुस्लिम वोटरों का अनुपात भी अपेक्षाकृत कम है। वोटिंग प्रतिशत भी लगातार गिरता रहा है, जो शहरी इलाकों में बढ़ती चुनावी उदासीनता को दिखाता है।

नॉर्थ कोलकाता के बीचों-बीच स्थित श्यामपुकुर एक सामान्य सीट है। यह सीट कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस इलाके में कोलकाता नगर निगम के 11 वार्ड शामिल हैं और यह शहर के सबसे पुराने व ऐतिहासिक इलाकों में गिना जाता है।

श्यामपुकुर का इतिहास कोलकाता के विकास के साथ जुड़ा हुआ है। कभी यह इलाका अपने आलीशान घरों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, लेकिन समय के साथ यह एक शांत, प्रमुख रिहायशी क्षेत्र बन गया। इसके आसपास के इलाके, अहिरीटोला, बागबाजार, कुमारतुली और श्यामबाजार, आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं, जहां कुमारतुली मूर्ति निर्माण और श्यामबाजार अपने व्यस्त बाजार के लिए प्रसिद्ध है।

--आईएएनएस

पीएसके/

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