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पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल जारी नहीं करेगा एक्सिस माई इंडिया, इस वजह से लिया फैसला

कोलकाता, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। एक्सिस माई इंडिया ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने गुरुवार को एक अहम बयान जारी कर जानकारी दी। एजेंसी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वह इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपना एग्जिट पोल जारी नहीं करेगी। यह निर्णय डेटा की विश्वसनीयता और सांख्यिकीय मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण लिया गया है।
पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल जारी नहीं करेगा एक्सिस माई इंडिया, इस वजह से लिया फैसला

कोलकाता, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। एक्सिस माई इंडिया ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने गुरुवार को एक अहम बयान जारी कर जानकारी दी। एजेंसी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वह इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपना एग्जिट पोल जारी नहीं करेगी। यह निर्णय डेटा की विश्वसनीयता और सांख्यिकीय मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण लिया गया है।

एजेंसी ने एक प्रेस नोट में कहा, "पिछले सात दिनों में एक्सिस माई इंडिया ने पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर एक व्यवस्थित फील्ड रिसर्च अभियान चलाया। 80 ​​प्रशिक्षित सर्वेक्षकों की एक टीम ने एग्जिट पोल के तय तरीकों का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं के इंटरव्यू लिए। इस सर्वे में 13,250 से ज्यादा लोगों के सैंपल को शामिल किया गया।"

एक्सिस माई इंडिया के सीएमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद मैं भी फील्ड टीमों के साथ जुड़ गया ताकि जमीनी हालात का खुद आकलन कर सकूं और सर्वे की प्रक्रियाओं को जांच सकूं। पश्चिम बंगाल में फील्डवर्क के दौरान हमें एक अनोखी और सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करना पड़ा। हमने देखा कि जवाब न देने वालों की दर बहुत ज्यादा थी। लगभग 70 फीसदी मतदाताओं ने सर्वे में हिस्सा लेने से मना कर दिया। हालांकि, हमारे सैंपलिंग मॉडल में मतदाताओं की कुछ हद तक हिचकिचाहट को ध्यान में रखा जाता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मना करना ऐतिहासिक मानकों से कहीं ज्यादा है और इससे 'न-जवाब पूर्वाग्रह' का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

एजेंसी ने कहा कि कार्यप्रणाली के नजरिए से देखें तो जवाब न देने वालों की इतनी ज्यादा संख्या वोट-शेयर के अनुमान की विश्वसनीयता को कम कर देती है। एक कड़े चुनावी मुकाबले वाले माहौल में चुनिंदा जानकारी देने और खामोश मतदाताओं के व्यवहार से नतीजों में गड़बड़ी होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे निकाले गए किसी भी अनुमान की मजबूती सीमित हो जाती है। हमारी टीमों ने फील्डवर्क पूरा करने के लिए 8,324 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया और हमने पश्चिम बंगाल के लिए एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे जारी करने की तैयारी भी कर ली थी। लेकिन, डेटा की गुणवत्ता, जवाबों के वितरण और सांख्यिकीय विश्वसनीयता के स्तरों की विस्तृत आंतरिक समीक्षा करने के बाद, हमने सोच-समझकर यह फैसला लिया है कि हम इस राज्य के एग्जिट पोल के अनुमान जारी नहीं करेंगे।

प्रेस नोट में आगे कहा गया, "हम समझते हैं कि इस फैसले से दर्शकों को निराशा हो सकती है। लेकिन, कार्यप्रणाली की ईमानदारी, पारदर्शिता और डेटा की विश्वसनीयता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए हमारा मानना ​​है कि ऐसे अनुमान पेश करने के बजाय, जो हमारी आंतरिक सांख्यिकीय विश्वसनीयता के मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें प्रकाशित न करना ही ज्यादा जिम्मेदाराना कदम है।"

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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