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पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था फेल, ममता बनर्जी की वापसी मुश्किल: जदयू

पटना, 9 जनवरी (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई, ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन, लैंड फॉर जॉब केस और विपक्षी दलों के बयानों पर अपनी बात रखी।
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था फेल, ममता बनर्जी की वापसी मुश्किल: जदयू

पटना, 9 जनवरी (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई, ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन, लैंड फॉर जॉब केस और विपक्षी दलों के बयानों पर अपनी बात रखी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा ईडी के आई-पैक कार्यालय पर छापे के विरोध को लेकर जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने आईएएनएस से कहा कि ममता बनर्जी को बार-बार जांच एजेंसियों पर गुस्सा निकालने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। ममता बनर्जी को चाहिए कि वे पश्चिम बंगाल की जनता के पास जाएं और अपनी विफलताओं के लिए उनसे माफी मांगें।"

राजीव रंजन ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और अराजकता का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते उनकी सत्ता में वापसी अब मुश्किल नजर आ रही है।

'लैंड फॉर जॉब' मामले पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह एक लंबी न्यायिक प्रक्रिया है और जांच एजेंसियों ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए हैं।

उन्होंने बताया कि इस मामले की सुनवाई राऊज एवेन्यू कोर्ट में होनी है और पूरे देश की नजर इस पर टिकी हुई है। न्यायपालिका जो भी फैसला दे, उसे सभी पक्षों को स्वीकार करना चाहिए।"

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कोलकाता के साल्ट लेक स्थित आई-पैक कार्यालय पर ईडी की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ईडी को संविधान के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है। मामला अब हाईकोर्ट के समक्ष है, इसलिए राजनीतिक बयानबाजी और टकराव से बचना चाहिए। सभी को न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए।

नीरज कुमार ने यह सवाल भी उठाया कि ईडी की छापेमारी के दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अनुपस्थिति एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और घटनाक्रम के बाद ईडी को हाईकोर्ट जाना पड़ा, इसलिए अब इस मामले को अदालत पर छोड़ देना चाहिए।

'लैंड फॉर जॉब' केस को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि यह कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि न्यायिक पतन है। एक दोषी व्यक्ति द्वारा किसी पार्टी का नेतृत्व करना चौंकाने वाला है।

उन्होंने मांग की कि न्यायपालिका इस मामले में सख्त और निर्णायक आदेश दे। साथ ही यदि कानून अनुमति देता है, तो जब्त संपत्तियों का उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को भ्रष्टाचार के परिणाम साफ दिख सकें।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एसआईआर वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि अगर विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बनाना चाहता है, तो उसे बिहार से सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर को मुद्दा बनाया गया था, लेकिन इसका राजनीतिक नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश को इससे सीख लेनी चाहिए। अगर मतदाता सूची में डुप्लीकेशन या मृत लोगों के नाम हैं, तो उसकी आपत्ति दर्ज कराने की एक तय प्रक्रिया है और मीडिया के जरिए असहमति जताने का कोई औचित्य नहीं है।

नीरज कुमार ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक टकराव में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नेताओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीख लेनी चाहिए, जिन्होंने केंद्र से मतभेद होने के बावजूद समन्वय बनाए रखा। संविधान की आत्मा टकराव में नहीं, बल्कि सामंजस्य में है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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