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पश्चिम बंगाल में एंटी-इंकंबेंसी की लहर, टीएमसी के 35 में से 22 मंत्री हारे

कोलकाता, 5 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य की सत्ताधारी सरकार के कई बड़े चेहरे इस चुनाव में हार गए, जिसे गहरी एंटी-इंकंबेंसी का संकेत माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले 35 मंत्रियों में से 22 मंत्री अपनी सीट नहीं बचा पाए। इनमें खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं, जो अपनी ही सीट भवानीपुर (159) से हार गईं।
पश्चिम बंगाल में एंटी-इंकंबेंसी की लहर, टीएमसी के 35 में से 22 मंत्री हारे

कोलकाता, 5 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य की सत्ताधारी सरकार के कई बड़े चेहरे इस चुनाव में हार गए, जिसे गहरी एंटी-इंकंबेंसी का संकेत माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले 35 मंत्रियों में से 22 मंत्री अपनी सीट नहीं बचा पाए। इनमें खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं, जो अपनी ही सीट भवानीपुर (159) से हार गईं।

यानी करीब 63 प्रतिशत मंत्री चुनाव हार गए, जो साफ तौर पर राज्य की जनता द्वारा सरकार के नेतृत्व को खारिज करने का संकेत देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाताओं ने केवल उम्मीदवारों को नहीं, बल्कि टीएमसी के पूरे नेतृत्व और उसकी कार्यशैली को नकार दिया है।

हारने वाले मंत्रियों में कई अहम विभागों को संभालने वाले नेता शामिल हैं। इनमें महिला एवं बाल विकास, उद्योग, आवास, बिजली, शिक्षा, परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री भी अपनी सीटें नहीं बचा सके। इसे टीएमसी सरकार के शासन मॉडल के खिलाफ जनता की व्यापक नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

हारने वाले प्रमुख मंत्रियों में ममता बनर्जी (भवानीपुर), अरूप बिस्वास (टॉलीगंज), ब्रत्य बसु (दमदम), चंद्रिमा भट्टाचार्य (दमदम उत्तर), शशि पांजा (श्यामपुकुर), सुजीत बोस (बिधाननगर), इंद्रनील सेन (चंदननगर), बेचेराम मन्ना (सिंगुर), स्वपन देबनाथ (पुर्बस्थली दक्षिण), बुलु चिक बड़ाइक (माल), प्रदीप कुमार मजूमदार (दुर्गापुर पूर्व), बिरबाहा हांसदा (बिनपुर), मानस रंजन भुइयां (साबंग), मलय घटक (आसनसोल उत्तर), सिद्दीकुल्लाह चौधरी (मोंटेश्वर), उदयन गुहा (दिनहाटा), संध्यारानी टुडू (मानबाजार), बंकिम चंद्र हाजरा (सागर), उज्जल बिस्वास (कृष्णानगर दक्षिण), स्नेहासिस चक्रवर्ती (जंगीपाड़ा), श्रीकांत महतो (सल्बोनी) और सत्यजीत बर्मन (हेम्ताबाद) शामिल हैं।

कुछ सीटों पर हार का अंतर भी काफी बड़ा रहा। उद्योग मंत्री शशि पांजा श्यामपुकुर सीट से भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती से 14,600 से ज्यादा वोटों से हार गईं। पूर्व मंत्री निर्मल माझी गोगहाट सीट से भाजपा के प्रशांत डिगर से 49,500 से ज्यादा वोटों से पराजित हुए। उदयन गुहा दिनहाटा सीट पर भाजपा के अजय रे से 17,400 से ज्यादा वोटों से हार गए।

इसी तरह, सिद्दीकुल्लाह चौधरी मंतेश्वर सीट पर भाजपा के सैकत पांजा से 14,700 से ज्यादा वोटों से हारे, जबकि प्रदीप मजूमदार दुर्गापुर पूर्व सीट पर भाजपा के चंद्र शेखर बनर्जी से 30,900 से ज्यादा वोटों से पराजित हुए। वहीं, चंद्रिमा भट्टाचार्य को दमदम उत्तर सीट पर भाजपा के सौरव सिकदार से 26,400 से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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