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पश्चिम बंगाल चुनाव : टॉलीवुड स्टार रुद्रनील घोष का चला जादू, शिवपुर में भाजपा ने पहली बार जमाई मजबूत पकड़

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की हाई-प्रोफाइल शिवपुर विधानसभा सीट पर इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और टॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रुद्रनील घोष ने तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को खत्म करते हुए शानदार जीत दर्ज की है।
पश्चिम बंगाल चुनाव : टॉलीवुड स्टार रुद्रनील घोष का चला जादू, शिवपुर में भाजपा ने पहली बार जमाई मजबूत पकड़

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की हाई-प्रोफाइल शिवपुर विधानसभा सीट पर इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और टॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रुद्रनील घोष ने तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को खत्म करते हुए शानदार जीत दर्ज की है।

चुनाव आयोग के नतीजों के अनुसार, रुद्रनील घोष को कुल 89,615 वोट मिले और उन्होंने टीएमसी के उम्मीदवार राणा चटर्जी को 16,058 वोटों के अंतर से हराया। वहीं, कांग्रेस की श्राबंती सिंह को 1,993 वोट मिले।

रुद्रनील घोष बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (टॉलीवुड) के एक बहुमुखी कलाकार हैं, जो अभिनेता होने के साथ-साथ लेखक और निर्देशक के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनका फिल्मी करियर लगातार सक्रिय रहा है। 2025 में रिलीज हुई बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धूमकेतु' में उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जबकि 'द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स' (2025) जैसी फिल्मों में भी वे लीड रोल में नजर आए।

राजनीतिक रूप से भी उनका सफर दिलचस्प रहा है। वे पहले वामपंथी छात्र राजनीति और बाद में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे, लेकिन 2021 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। 6 जनवरी 1973 को हावड़ा में जन्मे घोष ने कोलकाता विश्वविद्यालय से संबद्ध नरसिंहा दत्त कॉलेज से अपनी शिक्षा पूरी की।

शिवपुर विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 172) का गठन 1951 में हुआ था और यह क्षेत्र लंबे समय से औद्योगिक और शहरी राजनीति का केंद्र है। इस सीट पर पिछले एक दशक से अधिक समय तक टीएमसी का दबदबा रहा है। 2021 में यहां से पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने जीत दर्ज की थी, जबकि उससे पहले जटू लाहिड़ी ने लंबे समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।

हालांकि, इस बार भाजपा ने रुद्रनील घोष जैसे चर्चित चेहरे को मैदान में उतारकर चुनाव को हाई-प्रोफाइल बना दिया। उनके आक्रामक प्रचार और लोकप्रियता का असर नतीजों में साफ देखने को मिला।

शिवपुर एक घनी आबादी वाला शहरी और औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बंगाली और हिंदी भाषी मतदाताओं का मिश्रण है। यहां बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता भी रहते हैं, जो चुनावी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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