पेपर लीक पर संसद से सख्त कानून पास, वीडियो में पीएम मोदी बोले- 'बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे'
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए संसद ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा और राज्यसभा से पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात करीब 10:40 बजे इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा पेपर लीक माफिया के खिलाफ अब और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों के सामने यह बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से लाखों छात्रों के भविष्य पर गंभीर संकट पैदा होता है और मेहनत करने वाले युवाओं का विश्वास टूटता है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, "कई दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार इस प्रकार की पेपर लीक की परेशानी झेल रही है। बच्चों के भविष्य पर भी इसके कारण संकट पैदा हो रहा है। इन सबको ध्यान में रखते हुए देशव्यापी, सभी राज्यों में भी और केंद्र में भी शिक्षा पद्धति में सुधार अनिवार्य हो गया है। टेक्नोलॉजी के भरपूर उपयोग की आवश्यकता हो गई है।"उन्होंने कहा कि सरकार केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल कर पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था विकसित की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने पेपर लीक में शामिल गिरोहों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "कोई भी पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली गैंग को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले देश के युवाओं से पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने का वादा किया था। उन्होंने कहा, "हम संसद में बिल लेकर गए थे और जैसा मैंने आपसे वादा किया था, बीते दो दिन संसद के दोनों सदनों में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। आज कठोर कानूनों वाले प्रावधानों वाला बिल पास किया गया।"
सरकार का कहना है कि नए कानून के लागू होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने, प्रश्नपत्र लीक करने, संगठित गिरोह चलाने और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त दंड का प्रावधान होगा। इसके साथ ही डिजिटल निगरानी और तकनीकी सुरक्षा को भी मजबूत किया जाएगा।पेपर लीक की घटनाओं को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में बड़े विवाद सामने आए हैं। ऐसे में संसद से यह विधेयक पारित होने और प्रधानमंत्री के सख्त संदेश को परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि नए कानून से ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी।

