परिसीमन से ज्यादा जरूरी देश की सीमाओं की सुरक्षा, भाजपा बताए 2014 से अब तक क्या बदला : अखिलेश
लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश के सामने परिसीमन से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी सीमाओं की सुरक्षा है।
भाजपा को बताना चाहिए कि 2014 में देश का क्षेत्रफल कितना था और अब कितना है। लखनऊ में वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने परिसीमन के साथ देश की विदेश नीति, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे विषयों को भी महत्वपूर्ण बताया। सपा अध्यक्ष ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। पेट्रोल में ई-20 मिलाए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से इसका जवाब मांगा।
उन्होंने किसानों को खाद और डीएपी की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। अखिलेश ने लखनऊ की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार और नगर प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में जगह-जगह कूड़ा पड़ा है और नाले भरे हुए हैं, जबकि स्मार्ट सिटी की बातें की जा रही हैं।
उन्होंने सरकार के पौधरोपण के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के लोग 300 करोड़ पेड़ लगाने की बात करते हैं, लेकिन यह बताना चाहिए कि ये पेड़ कहां लगाए गए हैं। उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश ने सरकार से विकास कार्यों और उनके रखरखाव को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने का दावा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में 500 प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि स्कूल बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान, सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई को आगे भी जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया ने समाज को संविधान और समाजवाद का रास्ता दिखाया था। आज भी समाज को अपने अधिकारों के लिए जागरूक और एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आजादी के दौर में लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा था, उसी तरह आज भी सरकारों से अपने अधिकारों की मांग करनी पड़ रही है।
वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अखिलेश ने कहा कि उनके साहस, संघर्ष और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई ने वीरता का परिचय दिया, उसी तरह अवंती बाई लोधी ने भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्होंने देश और समाज के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। ऐसे सभी महापुरुषों और वीरांगनाओं को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।
--आईएएनएस
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