पप्पू यादव नास्तिक, संसद परिसर में साधु का चोला पहनकर गलत कृत्य करना निंदनीय : संजय दास
अयोध्या, 2 अगस्त (आईएएनएस)। संसद परिसर में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा साधु का वेश धारण कर चढ़ावा चोरी मुद्दा उठाने के मामले पर संत समाज में कड़ा आक्रोश है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय दास ने रविवार को इस कृत्य की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पप्पू यादव को नास्तिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया।
संजय दास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "संसद भवन के बाहर जो भी कृत्य किया गया, वह पूरी तरह से निंदनीय है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। सांसद होते हुए ऐसे कृत्य करना बहुत ही गलत है। संतों का चोला धारण करके वे जो कृत्य कर रहे हैं, उससे क्या साबित करना चाहते हैं। चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच कर रही है। कोर्ट के फैसले पर विपक्ष को विश्वास नहीं है।"
उन्होंने सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर भी निशाना साधा। संजय दास ने कहा, "पप्पू यादव नास्तिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। आज तक उन्होंने भगवान रामलला का दर्शन तक नहीं किया। चाहे अवधेश प्रसाद हो या पप्पू यादव हो, उन लोगों ने हमेशा भगवान राम और संतों के बारे में, सनातन धर्म पर कुठाराघात करने की चेष्टा की। आने वाले समय में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा।"
संजय दास ने बताया, "इस मामले को लेकर संत समाज ने विरोध जताया है। संत समाज ने अवधेश प्रसाद का पुतला फूंका है और जुलूस निकाला है, तो कहीं न कहीं भारतवर्ष के संत एकजुट हैं। जिन लोगों ने भी ऐसे कृत्य का विरोध किया है, वह बहुत अच्छा किया है। उनके खिलाफ जो एफआईआर दर्ज हुई, उस पर कार्रवाई होगी। ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति को प्रभु श्रीराम स्वयं नहीं बख्शेंगे।"
उन्होंने अयोध्या के सांसद को नसीहत देते हुए कहा, "अयोध्या भगवान पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी है और यहां के सांसद हमेशा भगवान राम और संतों के बारे में, सनातन धर्मियों और व्यापारियों के बारे में कुछ न कुछ उल्टी-सीधी बातें करना चाहते हैं, जो उन्हें शोभा नहीं देता। मेरी उन्हें नसीहत है कि वह ऐसे अनर्गल प्रलाप नहीं किया करें, क्योंकि यह उन्हें शोभा नहीं देता।"
संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव साधु वेश में नजर आए थे और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाया था। इस मामले में एसआईटी जांच चल रही है।
--आईएएनएस
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