'पेपरलीक पर सरकार कोई भी हो, कार्रवाई जरूरी', कांग्रेस के रुख पर सिंहदेव का जवाब
रायपुर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में हुए हमले को दुखद बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने प्रस्तावित एफसीआरए बिल पर चिंता जताते हुए कहा कि यह कानून जांच एजेंसियों को असीमित अधिकार देगा।
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण पर उन्होंने कहा कि 'ऐसी सोच विकृत मानसिकता' दर्शाती है। सिंह देव ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पेपरलीक के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख शुरू से एक जैसा रहा है।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले पर कहा, "ये बहुत दुखद घटना है। इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।"
मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद किए गए शुद्धीकरण को लेकर उन्होंने कहा, "शुद्धीकरण की बात विकृत मानसिकता के लोग ही कर सकते हैं। एक मजदूर के घर से आगे बढ़कर, अनेक यातनाओं को सहकर आज देश की सर्वोच्च सदन के नेता प्रतिपक्ष के रूप में जो व्यक्ति काम कर रहा है, उसे लेकर इस तरह की भावना रखने वाले लोग अभी देश में हैं, जो पहले किसी के छुए हुए पानी को नहीं पीते थे, जो किसी के साथ बैठते नहीं थे, जो खुद खाट या चारपाई पर बैठते थे, लेकिन समाज के कुछ लोगों को नीचे जमीन पर बिठाते थे, ये उसी मानसिकता के लोग हैं। अभी भी जागृत नहीं हुए हैं। मैं तो इतनी ही कामना करूंगा कि इनकी बुद्धि जागृत हो।"
भाजपा की तरफ से झारखंड प्रोटेस्ट में कांग्रेस के अलग रुख के आरोप पर उन्होंने कहा, "रुख कहां अलग है? दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान भी राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस युवाओं के मुद्दों के साथ है। कांग्रेस शुरुआत से ही इन मुद्दों को उठाती रही है। देश के अलग-अलग शहरों में राहुल गांधी ने तीन बैठकें की हैं और चौथी बैठक प्रस्तावित है। कांग्रेस ने गलत को गलत ही कहा है। सरकार किसी की भी हो, पेपरलीक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
एफसीआरए को लेकर उन्होंने कहा, "यह बिल अभी पास नहीं हुआ है, कमेटी में भेजकर इस पर विचार-विमर्श होगा और फिर सदन में लाया जाएगा। सदन में अगर यह पास होता है, तो फिर कानून बनेगा। अभी जो स्वरूप है उसे भेजा गया है, इसपर चर्चा होगी, किन बिंदुओं पर सहमति बनती है, किन बिंदुओं पर लोगों की क्या राय आती है, उसके अनुसार, दोबारा पार्लियामेंट में लाया जाएगा।"
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा, "हमने ईडी के संदर्भ में देखा कि आपने एक संस्था को अधिकार दे दिया कि आप किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं। लोग गिरफ्तार हो रहे हैं, महीनों तक जेल में रहते हैं या तो बेल मिल जाती है या दोष सिद्ध नहीं होता है। आपने एक तरह से उन्हें गिरफ्तार करके दंड दे दिया। एफसीआरए में जो बातें आ रही है, वो यही हैं। ये कानून जिस तरीके से बनाया जा रहा है, ये उन संस्थानों को जैसा चाहे, वैसा करने का अधिकार दे देगा।"
--आईएएनएस
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