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एंडोस्कोपी कैमरे से सीलबंद लिफाफे का पेपर स्कैन, 11 हजार में बेचते थे सवाल; प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार

एंडोस्कोपी कैमरे से सीलबंद लिफाफे का पेपर स्कैन, 11 हजार में बेचते थे सवाल; प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में परीक्षा पेपर लीक का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और शिक्षा विभाग को भी हैरान कर दिया। आरोप है कि एक प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में रखे प्रश्नपत्र को बाहर निकाले बिना एंडोस्कोपी कैमरे की मदद से स्कैन कर लिया। इसके लिए पहले लिफाफे में सुई से बेहद छोटा छेद किया गया और फिर कैमरे को उस छेद के जरिए अंदर डालकर प्रश्नपत्र की तस्वीरें स्कैन की गईं। इसके बाद कथित तौर पर प्रश्नपत्र की सामग्री हाथ से लिखकर छात्रों को 11-11 हजार रुपये में बेची गई।

पुलिस ने इस मामले में प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV से जुड़ी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक किए गए थे।

दो परीक्षाओं के पेपर लीक का आरोप

पुलिस के मुताबिक, B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र यानी एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से संबद्ध 28 कृषि कॉलेजों में आयोजित होनी थीं।

B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा 7 अगस्त को प्रस्तावित थी, जबकि सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा 20 अगस्त को होनी थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।

सीलबंद लिफाफे में किया गया खेल

पुलिस की जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र सीलबंद लिफाफे के अंदर रखा गया था। आरोपी प्रोफेसर ने कथित तौर पर लिफाफे को खोले बिना उसमें सुई से छोटा सा छेद किया। इसके बाद एंडोस्कोपी कैमरे को उसी छेद के जरिए लिफाफे के अंदर पहुंचाया गया।

कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र को स्कैन कर लिया गया। इस तरीके से लिफाफे की सील बाहर से देखने पर सुरक्षित दिखाई देती रही और प्रश्नपत्र की सामग्री आरोपियों तक पहुंच गई। इसके बाद प्रश्नपत्र के कंटेंट को कथित तौर पर हाथ से लिखकर छात्रों को उपलब्ध कराया गया।

11-11 हजार रुपये में बेचा पेपर

जांच में आरोप है कि प्रश्नपत्र की सामग्री छात्रों को 11 हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से बेची गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।

पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक की पूरी कड़ी और पैसों के लेनदेन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पेपर लीक के बाद परीक्षा स्थगित

प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने संबंधित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं पर इसका असर पड़ा।

परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों को सीलबंद तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में लिफाफे को खोले बिना कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र तक पहुंचने का कथित तरीका सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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