'पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस की नीति', सीएम फडणवीस ने विधेयक पारित होने पर जताई खुशी
मुंबई, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "पेपर लीक के लिए जीरो टॉलरेंस! लोकसभा में इस महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी मिलना छात्रों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।" उन्होंने उन सभी सांसदों और राजनीतिक दलों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन से यह विधायी सुधार संभव हो सका।
फडणवीस ने कहा, "एनडीए सरकार देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और योग्यता आधारित व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर परीक्षा देने वाले हर योग्य उम्मीदवार के भविष्य की रक्षा हो।"
उन्होंने कहा, "पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के विश्वास को प्रभावित करती हैं और परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। संशोधन विधेयक के माध्यम से पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।"
उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द और प्रभावी सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों, समयबद्ध जांच, विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति और तेज अपील प्रक्रिया जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। यह विधेयक देशभर के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता को बढ़ावा मिलेगा। यह कानून परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को रोकने में प्रभावी साबित होगा और छात्रों को एक सुरक्षित एवं समान अवसर वाला वातावरण उपलब्ध कराएगा। यह विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।"
--आईएएनएस
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