पेपर लीक और परीक्षा संकट पर जवाब दे सरकार, बिहार में छात्रों से जुड़ेगा कांग्रेस अभियान: राजेश राम
पटना, 20 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यभर में अभियान तेज करने का ऐलान किया है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सोमवार को कहा कि पार्टी अपने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 22 जुलाई को राज्य के 16 अलग-अलग स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सामने लाना और उन्हें एक मंच पर जोड़ना है।
राजेश राम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "कोटा के बाद देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ‘स्टूडेंट्स वॉइस’ कार्यक्रम छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का माध्यम बना। शुरुआत में यह कार्यक्रम छात्रों की एक बड़ी सभा के रूप में शुरू हुआ था, जो बाद में रैली में बदल गया। छात्रों के बीच परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।"
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "राज्य में भी इसी तरह के छात्र सम्मेलन की तैयारी चल रही है। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगा। इसमें केवल छात्र और राहुल गांधी की भागीदारी होगी और किसी राजनीतिक दल या पार्टी से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं की जाएगी। राहुल गांधी ने छात्रों के कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिनमें परीक्षा प्रणाली की खामियां और पेपर लीक जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।"
राजेश राम ने कहा, "देश में हर साल बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। करीब 9 करोड़ अभ्यर्थी हर साल अलग-अलग परीक्षाएं देते हैं और कई बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर कांग्रेस छात्रों के बीच पहुंच रही है।"
उन्होंने बताया, "बिहार में 16 स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पूर्णिया और पटना जैसे जिलों में बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया है और छात्र स्वयं इस अभियान में रुचि दिखा रहे हैं।"
वहीं, विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राजेश राम ने कहा, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सत्याग्रह जनता का अधिकार है। महात्मा गांधी की विचारधारा को मानने वाले लोग हमेशा अहिंसक तरीके से अपनी बात रखते हैं। भूख हड़ताल भी विरोध का एक शांतिपूर्ण माध्यम है, लेकिन सरकार ऐसे आंदोलनों पर ध्यान नहीं दे रही है।"
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, "सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और मुकदमों के जरिए डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। लोकतंत्र में सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए। छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे अब गंभीर स्तर पर पहुंच चुके हैं और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस इन मुद्दों को संसद में भी उठा रही है और आगे भी छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।"
--आईएएनएस
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