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पेपर लीक और अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा: अरविंद सावंत

मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य इस गड़बड़ी की वजह से प्रभावित हुआ है और यह किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पेपर लीक और अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा: अरविंद सावंत

मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य इस गड़बड़ी की वजह से प्रभावित हुआ है और यह किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अरविंद सावंत ने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा और करियर दांव पर लगे हों, तो सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति छात्रों और उनके परिवारों के लिए भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रही है।

उन्होंने कहा कि आखिर देश में कौन सी परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और सही तरीके से हो रही है। बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें आना सिस्टम की बड़ी विफलता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ जांच के नाम पर समय निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। पहले नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की बात सामने आई थी और अब सीबीएसई परीक्षा को लेकर भी इसी तरह के आरोप सामने आ रहे हैं।

तारिक अनवर ने कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था में लगातार इस तरह की शिकायतें आती रहीं तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। उनके मुताबिक, जब एक के बाद एक परीक्षाओं में अनियमितता की बात सामने आती है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को जवाबदेही दिखानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों को अपने पद से हटकर जांच में सहयोग करना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। हालांकि, भाजपा में ये परंपरा नहीं रही है कि वो किसी चीज की जिम्मेदारी नहीं लें।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी

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