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पंसकुरा पूर्व में बड़ा उलटफेर, भाजपा प्रत्याशी सुब्रत मैती ने 17,903 वोटों से टीएमसी को हराया

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में पूर्व मेदिनीपुर जिले की पंसकुरा पूर्व विधानसभा सीट पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। भाजपा के सुब्रत मैती (राणा) ने 17,903 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
पंसकुरा पूर्व में बड़ा उलटफेर, भाजपा प्रत्याशी सुब्रत मैती ने 17,903 वोटों से टीएमसी को हराया

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में पूर्व मेदिनीपुर जिले की पंसकुरा पूर्व विधानसभा सीट पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। भाजपा के सुब्रत मैती (राणा) ने 17,903 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

12 राउंड की मतगणना के बाद घोषित परिणामों के अनुसार सुब्रत मैती को 1,09,264 वोट मिले, जबकि टीएमसी उम्मीदवार अशीम कुमार माजी को 91,361 वोट प्राप्त हुए। सीपीआई (एम) के एसके इब्राहिम अली 11,233 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के दीपक कुमार पात्रा को भी कम वोट मिले।

इस सीट पर 92.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि पूरे पूर्व मेदिनीपुर जिले में 92.75 प्रतिशत वोटिंग हुई। भारी मतदान के बीच भाजपा की इस जीत को पार्टी के लिए क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

भाजपा प्रत्याशी सुब्रत मैती (43 वर्ष) के खिलाफ कोई आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं। उनकी कुल संपत्ति 11.9 करोड़ रुपए और 3.7 करोड़ रुपए की देनदारी है।

वहीं, टीएमसी उम्मीदवार अशीम कुमार माजी (48 वर्ष) के खिलाफ भी कोई आपराधिक केस नहीं है और कुल संपत्ति 35.3 लाख रुपए है, जिसमें 7.4 लाख रुपए की देनदारी है।

पंसकुरा पूर्व के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो यह पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो तमलुक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह पूरा कोलाघाट कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक कवर करती है। सीट की मौजूदा संरचना 2008 के परिसीमन के बाद बनी थी। पहले इसे पंसकुरा ईस्ट के नाम से जाना जाता था। 1951 में पंसकुरा में दो सीटें (नॉर्थ और साउथ) थीं, जहां कांग्रेस ने शुरुआती सफलता हासिल की। बाद के वर्षों में कम्युनिस्ट दलों (सीपीआई और सीपीआई(एम)) का यहां दबदबा रहा।

2008 के बाद की स्थिति में तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट पर दो बार और सीपीआई(एम) ने एक बार जीत दर्ज की। 2011 में बिप्लब रॉय चौधरी (तृणमूल) ने सीपीआई(एम) के अमिया साहू को 13,167 वोटों से हराया था। 2016 में शेख इब्राहिम अली (सीपीआई(एम)) ने बिप्लब रॉय चौधरी को 4,767 वोटों से हराकर सीट छीन ली थी। 2021 में बिप्लब रॉय चौधरी ने फिर वापसी करते हुए भाजपा के देबब्रत पटनायक को 9,660 वोटों से हराया था।

पंसकुरा पूर्व में हाल के लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच टक्कर तेजी से बढ़ी है। 2009 और 2014 में टीएमसी ने सीपीआई(एम) पर अच्छी बढ़त बनाई थी, लेकिन 2019 में भाजपा ने टीएमसी की बढ़त को मात्र 7,380 वोटों तक सीमित कर दिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को 2,721 वोटों से हराकर ऐतिहासिक बढ़त हासिल की। यह परिणाम 2026 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के लिए मजबूत संकेत था, जिसे आज सुब्रत मैती की जीत ने साबित कर दिया है।

पंसकुरा पूर्व में भाजपा की यह जीत तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाने का स्पष्ट संकेत है। क्षेत्र में सुशासन, स्थानीय विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं को भाजपा ने प्रभावी ढंग से उठाया। वहीं टीएमसी को एंटी-इनकंबेंसी और स्थानीय मुद्दों का सामना करना पड़ा।

वाम दलों की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि कांग्रेस भी अपनी पुरानी जमीन हासिल करने में नाकाम रही। सुब्रत मैती की जीत भाजपा के लिए पूर्व मेदिनीपुर में नई उम्मीद जगाती है। यह नतीजा पूरे बंगाल में भाजपा की बढ़ती ताकत को भी दिखाता है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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