Samachar Nama
×

पंच-कुन के वीडियो ने दिलाई अनूप सोनी को शॉर्ट फिल्म 'चिंटू' की याद, बोले मेरा दिल जीत लिया

मुंबई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। सोशल मीडिया के दौर में कोई भी दृश्य पलक झपकते ही दुनिया भर में चर्चा का विषय बन जाता है। कभी किसी पुरानी फिल्म का संवाद लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है, तो कभी किसी जानवर की मासूम हरकतें इंटरनेट पर छा जाती हैं। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसमें जापान का एक नन्हा बंदर अपनी भोली-भाली अदाओं से सबका दिल जीत रहा है।
पंच-कुन के वीडियो ने दिलाई अनूप सोनी को शॉर्ट फिल्म 'चिंटू' की याद, बोले मेरा दिल जीत लिया

मुंबई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। सोशल मीडिया के दौर में कोई भी दृश्य पलक झपकते ही दुनिया भर में चर्चा का विषय बन जाता है। कभी किसी पुरानी फिल्म का संवाद लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है, तो कभी किसी जानवर की मासूम हरकतें इंटरनेट पर छा जाती हैं। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसमें जापान का एक नन्हा बंदर अपनी भोली-भाली अदाओं से सबका दिल जीत रहा है।

यह नन्हा बंदर जापानी मकाक प्रजाति का शिशु है, जिसका नाम जन्म के बाद पंच-कुन रखा गया है। पंच-कुन जापान के इचिकावा सिटी चिड़ियाघर में रहता है। हाल ही में उसका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पंच-कुन आराम से कुछ खा रहा होता है, तभी एक बड़ा बंदर अचानक उसे पकड़ लेता है और जमीन पर गोल-गोल घुमाने लगता है।

कुछ क्षण बाद जैसे ही बड़े बंदर की पकड़ ढीली पड़ती है, पंच-कुन घबराकर वहां से भाग निकलता है। डर के मारे वह पास में रखे नारंगी रंग के एक सॉफ्ट खिलौने से जाकर लिपट जाता है। मासूम पंच-कुन उस खिलौने को अपनी मां समझकर उससे चिपक जाता है और देर तक उसी के सहारे सिमटा रहता है।

पंच की यह वीडियो और पंच की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। लोग इसे देखकर बहुत भावुक हो रहे हैं। वहीं, कई यूजर्स वीडियो शेयर कर लिख रहे हैं कि प्यार और सहारे की कितनी जरूरत होती है, चाहे इंसान हो या जानवर।

पंच-कुन के वीडियो ने अभिनेता अनूप सोनी को काफी प्रभावित किया है। मंगलवार को उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो पर रिएक्ट किया। अभिनेता ने इसे अपनी शॉर्ट फिल्म चिंटू से जोड़ा। उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, "वह वायरल वीडियो, जिसमें एक छोटा बंदर अपने सॉफ्ट टॉय को गले लगा रहा था, मेरे दिल को छू गया। कुछ साल पहले मैंने 'चिंटू' नाम की एक शॉर्ट फिल्म की थी, जिसका निर्देशन बहुत प्रतिभाशाली अनुभव आनंद ने किया था। इस फिल्म में मैंने एक ऐसे आदमी का किरदार निभाया था, जो अपने बचपन के घर लौटता है। वहां उसे अपना पुराना बंदर वाला सॉफ्ट टॉय मिल जाता है। घर तो खाली था, लेकिन यादें और एहसास अब भी वहीं मौजूद थे।"

दरअसल, पंच नाम के इस बेबी बंदर की मां गर्मी और प्रसव की थकान से इतनी कमजोर हो गई थी कि उसने बच्चे की देखभाल नहीं की और उसे छोड़ दिया। मकाक बंदर झुंड में रहते हैं, लेकिन झुंड के किसी दूसरी बंदर ने भी पंच को गोद नहीं लिया और न ही देखभाल की।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

Share this story

Tags