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पाकिस्तान: पीओके प्रदर्शन को लेकर दुनिया में हो रही फजीहत, बिलावल भुट्टों ने की शांति अपील

इस्लामाबाद, 14 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के हुक्मरान मानने लगे हैं कि पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) में बिगड़ते हालात से उनकी फजीहत हो रही है। चौतरफा घिरी सरकार के अहम सदस्य और पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की कि वे अपना आंदोलन समाप्त कर लें। उन्होंने कहा, “ इससे प्रांत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।”
पाकिस्तान: पीओके प्रदर्शन को लेकर दुनिया में हो रही फजीहत, बिलावल भुट्टों ने की शांति अपील

इस्लामाबाद, 14 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के हुक्मरान मानने लगे हैं कि पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) में बिगड़ते हालात से उनकी फजीहत हो रही है। चौतरफा घिरी सरकार के अहम सदस्य और पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की कि वे अपना आंदोलन समाप्त कर लें। उन्होंने कहा, “ इससे प्रांत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।”

रविवार को जारी बयान में, बिलावल ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से होने वाला शांति समझौता एक “ऐतिहासिक क्षण” है।

उन्होंने कहा, “जब पूरी दुनिया की नजर पाकिस्तान पर है, ऐसे समय में इस मुद्दे से पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति “विरोधियों” को स्थिति का फायदा उठाने का अवसर दे रही है।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करें और जिन्होंने कानून अपने हाथ में लिया है, वे स्थानीय प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करें ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके। बिलावल के अनुसार, सभी राजनीतिक मुद्दों का समाधान “लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों” से होना चाहिए। उनका कहना था कि संसद और राजनीतिक प्रक्रिया ही ऐसे मुद्दों को हल करने का सही मंच हैं, सड़कें नहीं।

पीपीपी प्रमुख ने याद दिलाया कि उनकी पार्टी पहले ही चुनाव आयोग से 27 जुलाई को तय “समय से पहले घोषित चुनाव कार्यक्रम” को वापस लेने की अपील कर चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी एक “आयोग ” बनाने की कोशिश करेगी, ताकि लंबित शिकायतों का समाधान हो सके और दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सके।

उन्होंने हाल ही में प्रतिबंधित किए गए संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सभी पक्ष, जिसमें संघीय सरकार भी शामिल है, सहमत हों तो यहां की सरकार भविष्य में विरोधी समूहों से संबंधित नोटिफिकेशन की समीक्षा कर सकती है।

जेएएसी के प्रदर्शनों ने पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है। पूरे पीओके में जबरदस्त प्रदर्शन जारी है। बिलावल ने माना कि प्रशासन और जेएएसी के बीच मतभेद को सुलझाना जरूरी है।

5 जून को जेएएसी की 9 जून की हड़ताल की घोषणा के बाद पाकिस्तान की सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया।

प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, रावलाकोट के आसपास धरने लगातार चौथे दिन जारी रहे। मुजफ्फराबाद और अन्य क्षेत्रों में कई जगहों पर बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन भी कई दिनों से प्रभावित है। कुछ क्षेत्रों में आंशिक हड़ताल की खबरें भी आई हैं।

रावलाकोट में मोबाइल सेवाएं रात 8:30 बजे के बाद बंद कर दी गईं, जबकि इंटरनेट सेवाएं आठवें दिन भी सस्पेंड हैं। इससे छात्रों और फ्रीलांसरों सहित आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है, जिन्होंने सरकार से सेवाएं बहाल करने की अपील की है।

--आईएएनएस

केआर/

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