Samachar Nama
×

'पेड पालकी' विवाद : निर्देशक और लीड एक्ट्रेस ने सतेंद्र सोनी के आरोपों को बताया गलत, कहा- 'हमारे पास हर बात के सबूत हैं'

'पेड पालकी' विवाद : निर्देशक और लीड एक्ट्रेस ने सतेंद्र सोनी के आरोपों को बताया गलत, कहा- 'हमारे पास हर बात के सबूत हैं'
'पेड पालकी' विवाद : निर्देशक और लीड एक्ट्रेस ने सतेंद्र सोनी के आरोपों को बताया गलत, कहा- 'हमारे पास हर बात के सबूत हैं'

मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। 'पेड पालकी' को लेकर अभिनेता सतेंद्र सोनी और फिल्म की टीम के बीच शुरू हुआ विवाद नया मोड़ ले चुका है। पहले जहां सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर फिल्म के निर्माता-निर्देशक पर मेहनताना नहीं देने, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। अब फिल्म के निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह और लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने सामने आकर सफाई दी है।

दोनों ने आईएएनएस से बातचीत में सतेंद्र के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि उनके साथ किसी तरह की मारपीट, बदसलूकी या गलत व्यवहार नहीं हुआ। उनका कहना है कि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए दस्तावेज और अन्य सबूत मौजूद हैं और वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।

आईएएनएस से बातचीत में निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, "सतेंद्र सोनी के सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं। फिल्म की पूरी टीम ने उनको वही सम्मान और सुविधाएं दीं, जो किसी भी कलाकार को दी जाती हैं। फिल्म के लिए तय समझौते के अनुसार, सतेंद्र को पहले कुल भुगतान का 15 प्रतिशत एडवांस दिया जाना था। उनके हिस्से में 45 हजार रुपए बनते थे, लेकिन टीम ने उन्हें 50 हजार रुपए एडवांस दिए। बाकी रकम तय शर्तों और तय समय के अनुसार दी जानी थी।''

पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, ''शूटिंग के चौथे और पांचवें दिन से सतेंद्र सोनी ने पूरी पेमेंट की मांग शुरू कर दी और कहा कि अगर उन्हें पूरा पैसा नहीं मिला तो वे शूटिंग नहीं करेंगे। मैंने सतेंद्र को समझाया कि अगली पेमेंट की तारीख अभी नहीं आई है और भुगतान तय समय पर कर दिया जाएगा। एक दिन समझाने के बाद उन्होंने शूटिंग की, लेकिन अगले ही दिन फिर वही स्थिति बन गई। जब सतेंद्र ने दोबारा शूटिंग पर आने से इनकार किया तो मैंने भी उनको जाने के लिए कह दिया।''

निर्देशक ने आगे बताया, ''मैंने मामला शांत करने के लिए अलग से पैसे की व्यवस्था करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इसी बीच सतेंद्र ने अपना फोन बंद कर दिया और होटल से चेकआउट करके चले गए। होटल से मुझे फोन आया कि कलाकार बिना किसी जानकारी दिए निकल गए हैं। उस समय फिल्म की शूटिंग चल रही थी और मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए ब्याज पर पैसा भी लिया हुआ था। ऐसे में कलाकार के अचानक चले जाने से पूरी यूनिट को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।''

पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, ''विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था और उस समझौते की कॉपी मेरे पास मौजूद है। अगर असल में सतेंद्र के साथ मारपीट या बदसलूकी हुई होती तो उसी समय पुलिस मेरे खिलाफ कार्रवाई करती। समझौते के बाद भी सतेंद्र शूटिंग पूरी किए बिना चले गए और बाद में मुंबई पहुंचकर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिया। मेरे पास बातचीत के रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य सबूत हैं और हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।''

फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने भी सतेंद्र सोनी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने आईएएनएस से कहा, ''मैंने भी इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाया है। मैं इस मामले की गवाह हूं। सतेंद्र सोनी, श्रीधर दुबे और पंकज शर्मा के साथ किसी तरह की मारपीट या गलत व्यवहार नहीं हुआ। शूटिंग के दौरान कुछ कलाकारों का रवैया अचानक बदल गया था। वे सेट पर देर से आने लगे, कई बार शूटिंग पर पहुंचे ही नहीं और तय समय से चार-पांच दिन पहले ही पूरी पेमेंट की मांग करने लगे। जब निर्देशक उनसे बात करने पहुंचे तो सतेंद्र का फोन बंद था। बाद में पूरी टीम उन्हें ढूंढ़ते हुए शहर में निकली और वे मां शारदा मंदिर के पास घूमते मिले।''

प्रगति का आरोप है कि बातचीत के दौरान अभिनेता श्रीधर दुबे ने उनके साथ बदसलूकी की। उस समय मौजूद ड्राइवर ने पुलिस के सामने बयान दिया था कि कलाकारों के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं हुई। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद सभी पक्षों के बीच बातचीत हुई थी और वहीं पर फिल्म की शूटिंग पूरी करने की बात भी कही गई थी। लेकिन, इसके बाद भी कलाकार दोबारा शूटिंग छोड़कर चले गए। इस विवाद का सीधा असर फिल्म पर पड़ा। कुछ निवेशकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया, जिससे पूरी टीम को आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ा।

इससे पहले अभिनेता सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें फिल्म 'पेड पालकी' का पूरा मेहनताना नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया था कि उनके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और जबरन कार में बैठाने की कोशिश की गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने मध्य प्रदेश सरकार से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

Share this story

Tags