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ओरेकल कॉर्पोरेशन की छंटनी पर राजा राम सिंह ने जताई नाराजगी, बोले- कौन उठाएगा कर्मचारियों की आजीविका की जिम्मेदारी?

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ओरेकल कॉर्पोरेशन ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की है। इसके खिलाफ लोकसभा सांसद राजा राम सिंह (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है।
ओरेकल कॉर्पोरेशन की छंटनी पर राजा राम सिंह ने जताई नाराजगी, बोले- कौन उठाएगा कर्मचारियों की आजीविका की जिम्मेदारी?

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ओरेकल कॉर्पोरेशन ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की है। इसके खिलाफ लोकसभा सांसद राजा राम सिंह (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है।

श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को भेजे अपने पत्र में राजा राम सिंह ने लिखा कि मैं भारत में ओरेकल कॉर्पोरेशन द्वारा 12,000 कर्मचारियों की बड़ी छंटनी पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करता हूं। यह न केवल कॉर्पोरेट जवाबदेही पर सवाल उठाता है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकार और गरिमा की रक्षा में सरकार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने लिखा कि हजारों कर्मचारियों को बिना पर्याप्त सूचना के नौकरी से निकालना नौकरी की सुरक्षा और मानव गरिमा के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। बिना किसी चेतावनी के नौकरी से निकाले जाने के बाद, इनके परिवारों का पालन-पोषण और आजीविका की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? ऐसी घटनाओं के सामने सरकार की निष्क्रियता बड़ी कंपनियों को यह संदेश देती है कि भारत में श्रमिक सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक नहीं है और सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी नहीं है।

राजा राम सिंह ने मांग की है कि ओरेकल कॉर्पोरेशन से तत्काल विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाए कि यह छंटनी किस परिस्थिति में, कितने पैमाने पर और किस प्रक्रिया के तहत की गई। मनमानी और बड़े पैमाने पर छंटनी को रोकने और श्रम कानूनों के किसी भी उल्लंघन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही कर्मचारियों को अचानक और अन्यायपूर्ण नौकरी छूटने से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

उन्होंने कहा कि श्रम की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार को ठोस कदम उठाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के कर्मचारी मामूली या तात्कालिक हितों के लिए इस्तेमाल न किए जाएं।

सूत्रों के अनुसार, इस छंटनी का असर कई विभागों पर पड़ा, जिनमें इंजीनियरिंग, क्लाउड ऑपरेशंस, सेल्स और साइबरसिक्योरिटी शामिल हैं।

केवल भारत में ही लगभग 12,000 कर्मचारियों की नौकरी जाने की बात कही जा रही है, हालांकि इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हैै।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी

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