लोकसभा में सिलेंडर संकट पर विपक्ष का हंगामा, वीडियो में देंखे कार्यवाही कई बार स्थगित
लोकसभा में गुरुवार को देश में गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट को लेकर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। सुबह 11 बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। सांसदों ने “सिलेंडर महंगाई बंद करो” और “जनता का ध्यान रखो” जैसे नारे लगाए। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की शांति बनाए रखने और कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया, लेकिन विपक्ष ने उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया।
विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण स्पीकर ने दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने करीब आधे घंटे तक सदन को संबोधित किया और सांसदों से शांतिपूर्ण ढंग से चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश में सिलेंडर की आपूर्ति और महंगाई पर चर्चा आवश्यक है, लेकिन इसे बिना शांति बनाए किए नहीं किया जा सकता।
स्पीकर के प्रयासों के बावजूद विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और लगातार हंगामा करते रहे। उनके विरोध के चलते दोबारा कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस दौरान कई विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर अविश्वास की भावना जताई और उन्हें निशाने पर लिया। हालांकि, बुधवार को विपक्ष द्वारा ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में खारिज कर दिया गया था।
विपक्ष का कहना है कि सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और असंगत आपूर्ति ने आम जनता की जिंदगी को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों के कारण गरीब और मध्यम वर्ग पर दबाव बढ़ गया है। विपक्ष के कई नेता सदन में इस मुद्दे को उठाने के लिए कड़े कदम की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार के पक्ष में मौजूद सांसदों का कहना है कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में वृद्धि और वितरण की चुनौतियों के कारण हुई है।
गुरुवार को हुई कार्यवाही में विपक्षी सांसदों और स्पीकर के बीच बहस के कई पल सुर्खियों में रहे। कुछ सांसदों ने स्पीकर की कुर्सी के सामने जाकर विरोध किया, जबकि अन्य सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्र के हालात के बारे में बयान दिए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सिलेंडर संकट और महंगाई का मुद्दा संसद में गर्मागर्म बहस का विषय बना हुआ है।
विपक्ष और सरकार के बीच यह टकराव देश के आम नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। जनता को उम्मीद है कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद ठोस समाधान निकलेगा और सिलेंडर की आपूर्ति तथा कीमतों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
लोकसभा में यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि विपक्ष अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने से पीछे नहीं हट रहा है। वहीं, स्पीकर ओम बिरला लगातार शांतिपूर्ण कार्यवाही बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि सदन में विधायी कामकाज प्रभावित न हो।
गुरुवार की घटनाएं संसद के लिए एक चुनौती बनकर सामने आई हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सिलेंडर संकट और महंगाई पर बहस और तेज हो सकती है। इससे स्पष्ट है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक बहस का नहीं, बल्कि आम जनता की जीवनशैली और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है।

