ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का राष्ट्रपति भवन तक मार्च, वीडियो में राहुल गांधी बोले- देश में हो रही वोट चोरी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन ने शुक्रवार को लगातार चौथे दिन प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बैठक करने के बाद संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्ष के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। वहीं, अन्य सांसदों ने विजय चौक पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और कथित वोट चोरी के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
पुराने संसद भवन में एक घंटे तक हुई बैठक
प्रदर्शन से पहले विपक्षी सांसदों ने पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में करीब एक घंटे तक बैठक की। बैठक में आगे की रणनीति और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद सांसद एकजुट होकर राष्ट्रपति भवन की ओर पैदल मार्च के लिए रवाना हुए।मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई की मांग उठाई। राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। बाकी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी बोले- देश जानता है कि वोट चोरी हो रही है
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है और यह बात पूरा देश जानता है। राहुल गांधी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने भी इस आरोप से इनकार नहीं किया।राहुल गांधी ने आगे कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा। विपक्ष की ओर से न्यायिक हस्तक्षेप की बात ऐसे समय कही गई है, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।हालांकि, वोट चोरी के आरोपों और राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया के संबंध में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों की पुष्टि महत्वपूर्ण है। आरोपों को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष भी पूरे मामले को समझने के लिए अहम होगा।
चार दिनों में तीसरी बार निकाला मार्च
विपक्षी सांसद पिछले चार दिनों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तीसरी बार मार्च निकाल चुके हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्ष ने 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' आयोजित किया था। इसके बाद 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जाने की कोशिश की गई, लेकिन सांसदों को रास्ते में रोक दिया गया।8 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला था। अब शुक्रवार को संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करके विपक्ष ने अपनी मांग दोहराई।
चुनाव आयोग पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
लगातार हो रहे प्रदर्शनों और सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।दूसरी ओर, इस विवाद में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में संभावित कदम और विपक्ष की आगे की रणनीति पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।

