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ग्लोबल टाइगर डे पर PM मोदी ने साझा की बाघों की तस्वीरें, संरक्षण और जैव-विविधता बचाने का दिया संदेश

ग्लोबल टाइगर डे पर PM मोदी ने साझा की बाघों की तस्वीरें, संरक्षण और जैव-विविधता बचाने का दिया संदेश

ग्लोबल टाइगर डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बाघों के संरक्षण को लेकर देशवासियों को खास संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर बाघों की कुछ खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने भारत की वन्यजीव सुरक्षा, बाघ संरक्षण और जैव-विविधता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बाघों को प्रकृति के संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि भारत वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने अपने संदेश के जरिए लोगों से पर्यावरण और जंगलों के संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।

बाघ संरक्षण में भारत की अहम भूमिका

ग्लोबल टाइगर डे हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में बाघों की घटती संख्या को लेकर जागरूकता फैलाना और उनके संरक्षण के लिए प्रयासों को बढ़ावा देना है। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां बाघों की सबसे बड़ी आबादी पाई जाती है।

प्रधानमंत्री मोदी सरकार के कार्यकाल में बाघ संरक्षण को लेकर कई योजनाओं को गति दी गई है। भारत में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बाघों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, शिकार रोकने और बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

जैव-विविधता बचाने पर जोर

बाघ जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र में शीर्ष शिकारी की भूमिका निभाते हैं। इनकी मौजूदगी यह बताती है कि जंगल का पर्यावरण संतुलित और स्वस्थ है। बाघों के संरक्षण से केवल एक प्रजाति को बचाने में मदद नहीं मिलती, बल्कि जंगलों में रहने वाले अन्य जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।

देश में बढ़ रही बाघों की संख्या

भारत में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए कई टाइगर रिजर्व और संरक्षण क्षेत्र विकसित किए गए हैं। बेहतर निगरानी, वन विभाग के प्रयासों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से देश में बाघों के संरक्षण को मजबूती मिली है।

ग्लोबल टाइगर डे के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।

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