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ओडिशा विजिलेंस ने ओसीसी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर सहित सात ठिकानों पर की छापेमारी

ओडिशा विजिलेंस ने ओसीसी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर सहित सात ठिकानों पर की छापेमारी
ओडिशा विजिलेंस ने ओसीसी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर सहित सात ठिकानों पर की छापेमारी

भुवनेश्वर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सोमवार को कोरापुट के पूर्व असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और वर्तमान में ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओसीसी) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार किसपट्टा के 7 ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू की है।

इस अभियान में 6 डीएसपी, 8 इंस्पेक्टर, 7 एएसआई और अन्य सहयोगी कर्मचारियों की टीम की ओर से, स्पेशल जज (विजिलेंस), जेपोर की अदालत से जारी सर्च वारंट के आधार पर 7 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। कोरापुट जिले में स्थिति मुत्यालुम्मा मंदिर के पीछे आरोपी संजय कुमार किसपट्टा के किराए के घर, चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग, निर्माणाधीन रिहायशी घर, सुंदरगढ़ में उसके पैतृक घर, निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग, भुवनेश्वर और बलांगीर में रिहायशी क्वार्टर और ऑफिस चैंबर में तलाशी जारी है।

इससे पहले 8 जुलाई को ओडिशा विजिलेंस ने कटक फॉरेस्ट डिवीजन के तहत केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज के फॉरेस्ट रेंजर रवींद्र कुमार नायक से जुड़ी चार जगहों पर एक साथ छापेमारी की थी। रवींद्र कुमार नायक के खिलाफ आय से ज्यादा अधिक संपत्ति के आरोप थे।

कटक के स्पेशल जज (विजिलेंस) की ओर से जारी सर्च वारंट के आधार पर तलाशी की जा रही है। विजिलेंस टीम में पांच डीएसपी, 9 इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं।

विजिलेंस की टीम की ओर से रवींद्र कुमार नायक के मुंडुली में चार मंजिला रिहायशी इमारत, कटक जिले के सहदापाड़ा में उनके पैतृक घर, केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज ऑफिस में और केंद्रपाड़ा में अस्थायी आवास पर छापेमारी की गई। ओडिशा विजिलेंस की ओर से बताया गया कि तलाशी अभी जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

इससे पहले 30 जून को भी विजिलेंस की टीम ने विमसर के दो अधिकारियों की संपत्तियों पर छापेमारी की थी। विजिलेंस की टीम ने संबलपुर जिले के बुर्ला स्थित 'वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च' (विमसर) के दो अधिकारियों से जुड़ी कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की थी।

विजिलेंस ने यह कार्रवाई उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों के चलते की। मामले में जिन अधिकारियों के यहां तलाशी ली गई, उनमें धनुर्धर बिस्वाल (एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम -ऑफिस सुपरिटेंडेंट) और अश्विनी मेहेर (विमसर, बुर्ला के सुपरिटेंडेंट ऑफिस में स्टीवर्ड) हैं।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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