Samachar Nama
×

ओडिशा: मलकानगिरी में भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की आशंका, 2 से 4 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद

ओडिशा: मलकानगिरी में भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की आशंका, 2 से 4 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद
ओडिशा: मलकानगिरी में भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की आशंका, 2 से 4 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के कारण बाढ़ और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। इस बीच, मौसम विभाग की ओर से भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी के मद्देनजर मलकानगिरी जिले में तीन दिनों के लिए सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

मलकानगिरी के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से 1 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार, जिले में 2 से 4 नवंबर 2026 तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। इसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय, ओडिशा आदर्श विद्यालय (ओएवी), उच्च माध्यमिक विद्यालय और डिग्री कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा, जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।

आदेश में कहा गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 से 4 नवंबर के दौरान जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ तूफान की संभावना जताई है। संभावित चक्रवाती तूफान और लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। हालांकि, स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सामान्य रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन उनकी सेवाओं का इस्तेमाल राहत और पुनर्वास कार्यों में कर सकता है। वहीं, संबंधित बोर्ड, परिषद और विश्वविद्यालयों की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

इससे पहले, चक्रवात 'अर्नब' के कारण ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की ओर से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।

भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान ने लगातार दूसरे दिन गंजाम जिले में हवाई राहत अभियान चलाया। इस दौरान नौसेना के सी किंग और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) विमानों ने कई उड़ानें भरकर बाढ़ प्रभावित सारा भीमपुर गांव में करीब 1,800 किलोग्राम राहत सामग्री पहुंचाई। इसमें लगभग 1,400 किलोग्राम खाद्य सामग्री और 400 लीटर पीने का पानी शामिल था।

गांव में जलभराव और सड़क संपर्क टूटने के कारण राहत सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में नौसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई मार्ग से आवश्यक सामान पहुंचाया गया। नौसेना ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों तक भोजन और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का अभियान जारी रखा है।

वहीं, भारतीय तटरक्षक बल ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाया। 29 अक्टूबर को गंजाम जिले में बाढ़ के पानी से घिरे एक स्वास्थ्य केंद्र से छह लोगों को सुरक्षित निकालकर एयरलिफ्ट किया गया। बचाए गए लोगों में दो महिलाएं, दो बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल थे।

आपात स्थिति की सूचना मिलने के बाद भुवनेश्वर स्थित तटरक्षक वायु केंद्र से एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच एमके-III) को बचाव दल के साथ रवाना किया गया था। खराब मौसम और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद हेलीकॉप्टर के चालक दल ने बाढ़ में डूबे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का पता लगाया और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

राज्य सरकार के अनुसार, चक्रवात 'अरनब' से गंजाम, गजपति, कंधमाल, कोरापुट और रायगढ़ा जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें गंजाम सबसे अधिक प्रभावित जिला है। इसके बाद गजपति और कंधमाल में भी व्यापक नुकसान हुआ है।

प्रभावित लोगों की संख्या गंजाम में सबसे अधिक 42,564 दर्ज की गई है। वहीं, गजपति में 30,000 और कंधमाल में करीब 12,000 लोग प्रभावित हुए हैं। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर भी खोले गए हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags