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न्याय तक समग्र पहुंच के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होगी अभिनव समाधान कार्यशाला

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। टेली-लॉ पहल के अंतर्गत न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान (दिशा) तैयार करने के लिए क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला 2026 आयोजित किया जा रहा है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग के अंतर्गत यह क्षेत्रीय सम्मेलन सह कार्यशाला का आयोजन 22 मार्च को शाम 4:00 बजे से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में किया जाएगा।
न्याय तक समग्र पहुंच के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होगी अभिनव समाधान कार्यशाला

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। टेली-लॉ पहल के अंतर्गत न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान (दिशा) तैयार करने के लिए क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला 2026 आयोजित किया जा रहा है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग के अंतर्गत यह क्षेत्रीय सम्मेलन सह कार्यशाला का आयोजन 22 मार्च को शाम 4:00 बजे से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में किया जाएगा।

यह कार्यशाला न्याय तक पहुंच को प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं के माध्यम से मजबूत करने और प्रमुख हितधारकों के बीच जानकारीपूर्ण विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य व्यक्तियों के आगमन और स्वागत के साथ होगा, जिसके बाद दिशा जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जो पहुंच और अंतिम छोर तक संपर्क का प्रतीक है। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन की रस्म होगी।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" की 150वीं वर्षगांठ का उत्सव होगा, जिसे स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को याद किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में न्याय विभाग के सचिव द्वारा स्वागत भाषण दिया जाएगा, जिसमें कार्यशाला का संदर्भ प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद हरियाणा में दिशा योजना की प्रगति को प्रदर्शित करने वाला एक सत्र होगा, जिसमें टेली-लॉ पैनल के वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और लाभार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद शामिल होंगे, जो जमीनी स्तर पर प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं के प्रभाव को दर्शाएंगे।

कार्यक्रम में हरियाणा के विधि महाविद्यालयों द्वारा शुरू की गई नि:शुल्क कानूनी सेवाओं पर भी एक खंड शामिल होगा, जिसमें संकाय सदस्य और छात्र सामुदायिक कानूनी सेवा में अपने अनुभव साझा करेंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत, भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र के प्रथागत कानूनों पर 5 ई-पुस्तकों का औपचारिक विमोचन किया जाएगा, जो स्वदेशी कानूनी ज्ञान के संरक्षण और प्रसार में योगदान देंगे। इसके अतिरिक्त, दिशा योजना पर दूरदर्शन द्वारा एक वृत्तचित्र का विमोचन किया जाएगा, जो इसकी परिकल्पना, कार्यान्वयन और देशभर में इसके प्रभाव को उजागर करेगा।

इस कार्यशाला को केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संबोधित करेंगे। दोनों नेता न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ करने और शासन में डिजिटल हस्तक्षेप की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम का समापन स्मृति चिन्हों के वितरण के साथ होगा, जिसके बाद संयुक्त सचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान होगा।

इस कार्यक्रम में लगभग 900 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होंगे, जिनमें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिकारी, हरियाणा राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालयों के बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, सरकारी वकील, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के ग्रामस्तरीय उद्यमी (वीएलई), टेली-लॉ पैनल के वकील, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, डॉ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत, एसजीटी विश्वविद्यालय गुरुग्राम, जी.डी. गोयनका विश्वविद्यालय गुरुग्राम के विधि संकाय, विधि अध्ययन संकाय, गीता विधि संस्थान पानीपत और नॉर्थकैप विश्वविद्यालय गुरुग्राम के विधि संकाय, निदेशक/पंजीयक और केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त न्याय विभाग के कई नागरिक और हितधारक वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे।

न्याय विभाग की दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित टेली-लॉ कार्यक्रम पर क्षेत्रीय सम्मेलन सह कार्यशाला, जागरूकता, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के भारत सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। राज्य प्रशासन और हितधारकों को शामिल करने, कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने और न्याय वितरण तंत्र को और मजबूत करने के लिए देश भर में ऐसी क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यशाला, टेली-लॉ और न्याय तक पहुंच से संबंधित अन्य पहलों की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए केंद्रित विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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