नर्सों पर लाठीचार्ज को लेकर उदयनिधि स्टालिन का सरकार पर हमला, बोले- यह डमी सीएम की सरकार
चेन्नई, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में नर्सों के प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष के नेता और डीएमके यूथ विंग सचिव उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर राज्य सरकार की कड़ी निंदा की।
उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "मैं इस डमी सीएम की सरकार द्वारा पुलिस बलों को तैनात करके प्रदर्शनकारी नर्सों के खिलाफ अंधाधुंध और बर्बर हमला करने की कड़ी निंदा करता हूं। नर्सें नौकरी को नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रही हैं।"
उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए इन शासकों ने वादा किया था कि सत्ता में आते ही पहले दिन नर्सों को नियमित कर देंगे लेकिन आज वही सबसे पहले नर्सों के प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता करा रहे हैं।
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि एक तरफ ये शासक प्रदर्शन स्थल पर नर्सों को तंग जगहों में बंद करके, बिजली की आपूर्ति काटकर और 'तुम्हें अपनी जान प्यारी है या नहीं?' जैसे सवालों से धमकाकर सारी हदें पार कर रहे हैं। दूसरी तरफ अपशब्द कहने वाली टीमों से नर्सों और उनके संघर्ष को नीचा दिखाना अभद्रता की पराकाष्ठा है।
उन्होंने कहा, "तब पंच डायलॉग मारे थे कि नर्सों पर एक खरोंच भी बर्दाश्त नहीं करेंगे, आज शर्म की बात है कि वे न केवल प्रदर्शनकारी नर्सों पर बल्कि उनके छोटे-छोटे बच्चों पर भी हमला कर रहे हैं।" उदयनिधि स्टालिन ने तंज कसते हुए पूछा, "बच्चों पर यह हमला क्या है, इसे मामा लाठीचार्ज योजना कहा जाए?"
उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "मुख्यमंत्री के हाथ जो एक डमी उम्मीदवार के नकली आंसू पोंछने के लिए आगे बढ़ते हैं, वे जान बचाने वाली नर्सों के असली आंसू पोंछने से क्यों इनकार करते हैं?"
उदयनिधि स्टालिन ने सरकार से मांग की कि वह नर्सों के खिलाफ दमन को तुरंत रोके, उन्हें बातचीत के लिए बुलाए और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए।
बता दें कि तमिलनाडु में वर्तमान में तमिलनाडु इंटरमीडिएट हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले हजारों नर्सों की हड़ताल और प्रदर्शन जारी है। नर्सें लंबे समय से अपनी वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रही हैं। संविदा या अनुबंध पर काम कर रही नर्सों को पक्का (स्थाई) करने और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
--आईएएनएस
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