'सिर्फ इस्तीफा नहीं, जांच भी हो': CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का कड़ा रुख
दिल्ली के प्रेस क्लब में CJP और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी संगठनों ने कई गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘गद्दार’ और ‘देशद्रोही’ तक कह दिया। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद भी अगर ऐसे लोग सिस्टम में बने रहेंगे तो देश की तरक्की प्रभावित होगी।सौरभ दास ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार और उनके फैसलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जानी चाहिए।
10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान
CJP की ओर से ऐलान किया गया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।सौरभ दास ने लोगों से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को डर है कि अगर देश का युवा एकजुट हो गया तो स्थिति बदल सकती है।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। सौरभ दास ने दावा किया कि पिछले प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और कई लोगों को चोटें आईं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस सख्ती कर सकती है।हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
विपक्षी दलों के एकजुट होने का दावा
नेहा बोरा ने कहा कि 4 अक्टूबर को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक निकाले गए मार्च में करीब 3 हजार लोग शामिल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें एक निजी गाड़ी में अकेले बैठाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उस गाड़ी को आगे बढ़ने से रोक दिया।
CJP और लेफ्ट संगठनों ने लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के एकजुट होने का दावा किया है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
दरअसल, SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कई बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।
इन्हीं दावों को लेकर विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
मुंबई के बाद दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ऐलान किया था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को देशभर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे।
उन्होंने दावा किया था कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलकर प्रदर्शन किया जाएगा।अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर इन आरोपों और प्रदर्शन को लेकर सरकार, चुनाव आयोग और पुलिस का पक्ष भी अहम होगा।

