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नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, फर्जी कॉल सेंटर से 6 आरोपी गिरफ्तार

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, फर्जी कॉल सेंटर से 6 आरोपी गिरफ्तार
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, फर्जी कॉल सेंटर से 6 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 1.31 लाख रुपए के क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर पुलिस ने यह कार्रवाई दिल्ली के करावल नगर के रहने वाले अमित कुमार की एलसीआरपी शिकायत के आधार पर की, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन में लगभग 1.31 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी के संबंध में ई-एफआईआर दर्ज की गई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें बैंक प्रतिनिधि बनकर आए धोखेबाजों का फोन आया, जिन्होंने उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की पेशकश की। धोखे से उनके क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल करके, आरोपियों ने बिना अनुमति के ट्रांजेक्शन किए और उनके खाते से लगभग 1.31 लाख रुपए निकाल लिए।

इसको लेकर नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन की एक समर्पित टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण का इस्तेमाल करते हुए बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई रकम का इस्तेमाल ब्लिंकिट के जरिए खरीदारी करने में किया गया था, जिसमें एक सैमसंग मोबाइल फोन और दो पावर बैंक शामिल थे। तकनीकी विश्लेषण से इस मामले में सम्मिलित अनीश गुप्ता की पहचान हुई, जो शिकायतकर्ता से संपर्क करने और उन्हें धोखा देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन को चला रहा था।

पुलिस द्वारा अनीश गुप्ता को पकड़ा गया और कड़ी पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह पश्चिमी दिल्ली के ख्याला में किराए के प्लैट से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर में काम कर रहा था। इस जानकारी पर तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उस जगह पर छापा मारा और अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले चार और आरोपियों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।

आगे की जांच से पता चला कि आरोपी बैंक अधिकारी बनकर और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की पेशकश करके अनजान लोगों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहा था। पीड़ितों का भरोसा जीतने के बाद वे गोपनीय बैंकिंग और कार्ड की जानकारी हासिल करते थे और उस जानकारी का इस्तेमाल करके फर्जी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते थे।

जांच में यह बात सामने आई कि नितिन सोलंकी और सिमरन फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे, जबकि इशिका और ध्रुव कॉलर के तौर पर काम करते थे। वे पीड़ितों से संपर्क करते थे और धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी हासिल करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी (25 वर्ष, निवासी अध्यापक नगर, नांगलोई, दिल्ली), ध्रुव (21 वर्ष, निवासी सेक्टर-39, रोहिणी, दिल्ली), अनीश गुप्ता (20 वर्ष, निवासी कश्मीरी कॉलोनी, रोहिणी, दिल्ली), सिमरन (24 वर्ष, निवासी टैगोर गार्डन, दिल्ली), इशिका (25 वर्ष, निवासी मोती नगर, पश्चिमी दिल्ली) और बॉबी श्रेष्ठ (22 वर्ष, निवासी रामा विहार, कराला, दिल्ली) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, जिसमें शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किया गया हैंडसेट/आईएमईआई भी शामिल है और धोखाधड़ी से हासिल किए गए पैसों से खरीदा गया 2 पावर बैंक बरामद किया है।

वहीं, मामले की जांच में पता चला कि आरोपी ध्रुव पहले साइबर-क्राइम से जुड़े दो मामलों में शामिल पाया गया और आरोपी बॉबी श्रेष्ठ पहले साइबर-क्राइम से जुड़े एक मामले में शामिल था।

दिल्ली साइबर पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करके, दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट बैंक अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देता था और धोखाधड़ी से क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल करता था। पुलिस इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य पीड़ितों, साथियों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

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